कोलकाता: अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले 2027 की तैयारियों को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव किया है। राज्य प्रशासन ने 24 सदस्यीय नई उच्चस्तरीय सलाहकार समिति का पुनर्गठन किया है। समिति में साहित्य, शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक क्षेत्र, मीडिया और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े विभिन्न लोगों को शामिल किया गया है। इस बदलाव का अहम पहलू यह है कि पुस्तक मेले के आयोजन में अब पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गिल्ड की भूमिका पहले की तरह एकछत्र नहीं रहेगी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गिल्ड के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) और ईस्टर्न ज़ोनल कल्चरल सेंटर (EZCC) भी आयोजन से जुड़े रहेंगे।
24 सदस्यीय सलाहकार समिति में कई क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व
नई समिति में अलग-अलग क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों को जगह दी गई है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र से रामकृष्ण मिशन (उद्बोधन) के स्वामी आर्येशानंद और भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी सारस्वतानंद शामिल हैं। गिल्ड की ओर से देवज्योति दत्ता, अनिल आचार्य, मिलिंद दे और राजकुमार बर्मन को समिति में शामिल किया गया है। वहीं, गिल्ड के मौजूदा अध्यक्ष सुधांशु शेखर दे और सचिव त्रिदिब कुमार चट्टोपाध्याय को नई सलाहकार समिति में शामिल नहीं किया गया है। समिति में अधिवक्ता एवं 'देशेर डाक' के संपादक और बीजेपी प्रवक्ता देवजीत सरकार, सामाजिक कार्यकर्ता तनुजा चक्रवर्ती और सप्तर्षि चौधरी, शिक्षिका ओफेलिया सिंह, पत्रकार एवं दूरदर्शन के कंसल्टिंग एडिटर प्रसेनजीत बक्सी, कवि बिनायक बंद्योपाध्याय, सुकेश मंडल, लेखक मोहित राय और अधिवक्ता उस्मान गणी समेत कई अन्य लोगों को जगह मिली है। प्रसेनजीत बक्सी को समिति का संयोजक बनाया गया है। ईज़ेडसीसी के निदेशक आशीष गिरि के अलावा राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, नेशनल बुक ट्रस्ट और MAKAIAS के प्रतिनिधियों को भी समिति में शामिल किया गया है।
देवजीत सरकार की समिति में एंट्री
बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता देवजीत सरकार को समिति में अधिवक्ता और 'देशेर डाक' के संपादक के तौर पर शामिल किया गया है। समिति में उनकी मौजूदगी को इस पुनर्गठन के प्रमुख पहलुओं में से एक माना जा रहा है। देवजीत सरकार के मुताबिक, 2027 का कोलकाता पुस्तक मेला कई ऐतिहासिक अवसरों का साक्षी बनेगा। उन्होंने बताया कि मेले के दौरान तीन महत्वपूर्ण पड़ावों को विशेष रूप से रेखांकित करने की तैयारी है।
इनमें शामिल हैं:
- कोलकाता पुस्तक मेले के 50 वर्ष पूरे होना
- 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष
- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती
इन अवसरों को ध्यान में रखते हुए आगामी पुस्तक मेले में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
अब EZCC कार्यालय में होंगी सलाहकार समिति की बैठकें
नई व्यवस्था में बैठकों के स्थान में भी बदलाव किया गया है। देवजीत सरकार के अनुसार, पुस्तक मेले से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी निर्णयों को लेकर सलाहकार समिति की बैठकें अब पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गिल्ड के कार्यालय के बजाय साल्ट लेक स्थित ईस्टर्न ज़ोनल कल्चरल सेंटर (EZCC) के कार्यालय में आयोजित की जाएंगी। समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने की योजना है। जरूरत पड़ने पर गिल्ड या अन्य संबंधित उप-समितियों के सदस्यों को भी बैठक में आमंत्रित किया जा सकेगा।
आयोजन व्यवस्था में बदलाव से बढ़ी उम्मीदें
नई सलाहकार समिति के गठन से पुस्तक मेले के आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। सरकार की नई व्यवस्था का उद्देश्य आयोजन को अधिक व्यापक प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रिया में विभिन्न संस्थाओं और विशेषज्ञों की भूमिका सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। 2027 का कोलकाता पुस्तक मेला अपने 50वें वर्ष, 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसरों के कारण विशेष महत्व रखने वाला है।