कोलकाता: कोलकाता नगर निगम ने शहर के सभी 16 वार्डों में विशेष ऑडिट टीमों का गठन किया है। इन टीमों में पीडब्ल्यूडी, नगर विकास विभाग, श्रम विभाग, नगर निगम के विभिन्न तकनीकी विभागों के साथ कोलकाता पुलिस को भी शामिल किया गया है। अभियान का उद्देश्य ऊंची इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण मानकों की गहन समीक्षा करना है।
मौके पर जाकर होगी जांच
ऑडिट टीमें पहले से दर्ज निर्माण परियोजनाओं का रिकॉर्ड देखने के बाद मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट हाई पावर कमेटी को सौंपी जाएगी। तकनीकी विशेषज्ञ रिपोर्ट का परीक्षण करेंगे और उनकी मंजूरी के बाद ही संबंधित निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की अनुमति मिलेगी।
G+5 इमारतों पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने निर्देश दिया है कि नगर क्षेत्रों में G+5 या उससे अधिक ऊंचाई वाले सभी व्यावसायिक और आवासीय भवनों का फायर सेफ्टी और बिल्डिंग प्लान ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाए। इसका उद्देश्य आग जैसी घटनाओं की रोकथाम और भवन सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाना है।
अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई के संकेत
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही ऊंची इमारतों में बिजली गिरने से सुरक्षा के लिए लाइटनिंग अरेस्टर लगाने पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके।