कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ता में बदलाव के बाद राज्य सचिवालय 'नवान्न' का बाहरी स्वरूप भी बदलता नजर आ रहा है। वर्षों से नीले-सफेद रंग की पहचान रखने वाले नवान्न के मुख्य नामफलक को अब गेरुए रंग में तैयार किया गया है। इस बदलाव के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
15 वर्षों तक बनी रही थी नीले-सफेद रंग की पहचान
पिछले डेढ़ दशक में पश्चिम बंगाल की अधिकांश सरकारी इमारतों, कार्यालयों और सार्वजनिक परियोजनाओं पर नीले-सफेद रंग का व्यापक उपयोग किया गया था। यह रंग राज्य सरकार की पहचान बन चुका था। अब नई सरकार के कार्यकाल में सचिवालय के प्रवेश द्वार पर दिखाई दिया यह बदलाव एक नई प्रशासनिक छवि के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में तेज हुई बहस
नवान्न के नामफलक का रंग बदलने के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समर्थकों का कहना है कि नई सरकार अपनी कार्यशैली और पहचान स्थापित कर रही है, जबकि विपक्ष इसे प्रतीकात्मक राजनीति से जोड़कर देख रहा है। हालांकि इस बदलाव को लेकर सरकार की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
क्या सिर्फ रंग बदला या नई पहचान की शुरुआत?
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी इमारतों के स्वरूप में बदलाव केवल सौंदर्यीकरण का हिस्सा भी हो सकता है, लेकिन पश्चिम बंगाल की राजनीति में रंगों का हमेशा प्रतीकात्मक महत्व रहा है। ऐसे में नवान्न के नामफलक का यह परिवर्तन आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बन सकता है।