पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच नंदीग्राम से एक नया विवाद सामने आया है। कुणाल घोष ने आरोप लगाया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को BJP नेताओं के साथ देखा गया, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।
TMC का गंभीर आरोप
तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग और BJP के बीच “सांठगांठ” है। कुणाल घोष ने दावा किया कि CEO सबसे पहले नंदीग्राम पहुंचे और वहां कालीचरणपुर क्षेत्र के BJP समन्वयक उनके साथ मौजूद थे।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि आयोग पूरी तरह BJP के प्रभाव में काम कर रहा है और चुनाव की जिम्मेदारी खुद उठा रहा है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
कुणाल घोष ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसे आरोप लगे हों। इससे पहले नंदीग्राम-2 के BDO सुरजीत रॉय पर भी इसी तरह के आरोप सामने आ चुके हैं।
साथ ही चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी सवाल उठाया कि एक राजनीतिक व्यक्ति का CEO के साथ जाना क्या निष्पक्षता को दर्शाता है?
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप
TMC नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वैध मतदाताओं के नाम हटाने और बाहरी राज्यों के मतदाताओं को जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
कुणाल घोष के अनुसार,
- असली वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं
- “कॉपी-पेस्ट” तरीके से नए नाम जोड़े जा रहे हैं
- चुनाव प्रक्रिया में BJP समर्थित लोगों को शामिल किया जा रहा है
ममता का जिक्र, कोर्ट तक पहुंचा मामला
कुणाल घोष ने कहा कि अगर ममता बनर्जी और TMC कोर्ट नहीं जाते, तो करोड़ों वोटरों के नाम हटाए जा सकते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन अभी तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
राजनीतिक असर
नंदीग्राम का यह विवाद चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और गरमा रहा है। एक तरफ TMC इसे चुनावी साजिश बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे महज आरोप करार दे रहा है।