नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नेशनल नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए तीन अल्पसंख्यक सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर कई अहम मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में बहरामपुर के सांसद यूसुफ पठान, मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहिर खान और जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान शामिल थे। बैठक के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के मुद्दे पर सौंपा ज्ञापन
बैठक के दौरान सांसदों ने मुर्शिदाबाद जिले में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने और अजान के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई को लेकर चिंता जताई। उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। सांसदों ने कहा कि वे ध्वनि प्रदूषण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों का सम्मान करते हैं, लेकिन नियमों का पालन सभी समुदायों और धार्मिक स्थलों पर समान रूप से होना चाहिए। उनका कहना था कि कार्रवाई करते समय किसी एक समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
वोटर लिस्ट और ट्रिब्यूनल के लंबित मामलों का मुद्दा भी उठाया
प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद कई लोगों के नाम हटने का मुद्दा भी गृह मंत्री के सामने रखा। सांसदों का कहना था कि ट्रिब्यूनल में मामलों के लंबित रहने से लोगों को पासपोर्ट सत्यापन, जमीन रजिस्ट्री और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि अतिरिक्त ट्रिब्यूनल बेंच बनाकर लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
NDA की बैठक में शामिल होने पर बदला रुख
इन सांसदों ने पहले कहा था कि वे अल्पसंख्यकों के हितों के खिलाफ किसी भी कदम का समर्थन नहीं करेंगे और इसी वजह से उन्होंने शुरुआती एनडीए बैठकों से दूरी बनाई थी। हालांकि, अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित नाश्ते की बैठक में शामिल होने पर सहमति जताई। बहरामपुर के सांसद यूसुफ पठान ने कहा कि प्रधानमंत्री या गृह मंत्री का निमंत्रण मिलना सम्मान की बात है और वे देशहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
TMC ने साधा निशाना
बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस ने तीनों सांसदों पर हमला बोला। वरिष्ठ टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि कोई भी नेता एक साथ "दो नावों पर सवार" नहीं रह सकता। उन्होंने दावा किया कि यदि NCPI सांसद एनडीए के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उन्हें भाजपा की नीतियों और एजेंडे को भी स्वीकार करना होगा।