नई दिल्ली - डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के ताजा निर्देशों के अनुसार, अब सोशल मीडिया कंपनियों और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म को किसी भी आपत्तिजनक, गैर-कानूनी या संवेदनशील सामग्री की सूचना मिलने के तीन घंटे के भीतर उस कंटेंट पर कार्रवाई करनी होगी। सरकार का उद्देश्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अधिक सुरक्षित, जवाबदेह और पारदर्शी बनाना है।

3 घंटे में करनी होगी कार्रवाई
नए निर्देशों के तहत यदि किसी सोशल मीडिया कंपनी या डिजिटल प्लेटफॉर्म को किसी पोस्ट, वीडियो, फोटो या अन्य सामग्री के कानून का उल्लंघन करने, हिंसा भड़काने, फर्जी सूचना फैलाने या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने की शिकायत मिलती है, तो उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर उस सामग्री को हटाना या उस पर आवश्यक कार्रवाई करना होगा।
डिजिटल सुरक्षा पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ फेक न्यूज, डीपफेक, साइबर अपराध, घृणा फैलाने वाले संदेश और आपत्तिजनक सामग्री के मामले भी बढ़े हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी तय करना जरूरी हो गया है, ताकि लोगों को सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण मिल सके और गलत सूचनाओं के प्रसार पर समय रहते रोक लगाई जा सके।
प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही बढ़ेगी
नए निर्देशों के लागू होने के बाद सोशल मीडिया कंपनियों को शिकायतों की निगरानी और निस्तारण के लिए अपनी व्यवस्था और अधिक मजबूत करनी होगी। उन्हें ऐसे सिस्टम विकसित करने होंगे, जिनके जरिए शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई की जा सके और नियमों का पालन सुनिश्चित हो।
यूजर्स पर क्या होगा असर?
इन नियमों का उद्देश्य आम सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित डिजिटल माहौल उपलब्ध कराना है। इससे फर्जी खबरों, भ्रामक पोस्ट, अश्लील सामग्री, डीपफेक वीडियो और अन्य गैर-कानूनी कंटेंट के तेजी से प्रसार पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कंटेंट मॉडरेशन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखना भी प्लेटफॉर्म और नियामकों के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती रहेगा।
क्या हैं नए निर्देशों का मकसद?
सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समय रहते कार्रवाई होने से साइबर अपराधों पर अंकुश लगेगा, संवेदनशील मामलों में अफवाहों के प्रसार को रोका जा सकेगा और ऑनलाइन इकोसिस्टम को अधिक जिम्मेदार बनाया जा सकेगा। आने वाले समय में इन निर्देशों के पालन पर भी सरकार की कड़ी निगरानी रहने की संभावना है।