Rajasthan Weather: राजस्थान में मानसून एक बार फिर कई जिलों में सक्रिय नजर आ रहा है। गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज और लगातार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। राजधानी जयपुर में खराब मौसम के कारण दो उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि धौलपुर में लगातार बारिश से पार्वती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। चूरू और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और कई घरों में पानी पहुंच गया है। डीग जिले के कामां क्षेत्र में तेज बारिश के चलते दो मंजिला मकान ढह गया। हालांकि हादसे के समय घर के अंदर कोई मौजूद नहीं था, इसलिए बड़ा हादसा टल गया। उधर, धौलपुर के राजाखेड़ा क्षेत्र में सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने शुक्रवार, 7 अगस्त को प्रदेश के 5 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 20 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान वेदर सिस्टम का प्रभाव 10 अगस्त तक बना रह सकता है।
जयपुर में बारिश से हवाई यातायात प्रभावित, दो फ्लाइट डायवर्ट
राजधानी जयपुर में गुरुवार देर रात हुई तेज बारिश का असर हवाई यातायात पर भी दिखाई दिया। खराब मौसम के चलते महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के विशेष विमान को जयपुर में लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी और विमान को दिल्ली की ओर मोड़ना पड़ा। एकनाथ शिंदे पुणे से विशेष विमान के जरिए जयपुर पहुंच रहे थे। लेकिन एयरपोर्ट के आसपास मौसम खराब होने और लगातार बारिश के कारण विमान की लैंडिंग संभव नहीं हो पाई। इसी तरह चंडीगढ़ से जयपुर पहुंची इंडिगो की फ्लाइट भी खराब मौसम के कारण कुछ समय तक जयपुर एयरपोर्ट के ऊपर चक्कर लगाती रही। करीब आधे घंटे तक इंतजार के बाद रात लगभग 11 बजे इस विमान को भी दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया। इससे साफ है कि राजधानी में बारिश की तीव्रता का असर सिर्फ सड़क यातायात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
जयपुर में रात से जारी बारिश, गर्मी और उमस से मिली राहत
जयपुर में गुरुवार रात करीब 10 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ, जो रुक-रुककर शुक्रवार सुबह तक जारी रहा। कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में पानी जमा हो गया। बारिश और तेज हवा के कारण राजधानी के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बारिश के चलते कुछ राहत मिली है। हालांकि लगातार बारिश ने शहर में जलभराव की समस्या भी बढ़ा दी है। निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
धौलपुर में उफान पर पार्वती नदी, बढ़ा खतरा
धौलपुर जिले में पिछले दो दिनों से बारिश का सिलसिला बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश के कारण पार्वती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी उफान की स्थिति में पहुंच गई है। डांग क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश का सीधा असर नदी के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। यदि पार्वती नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो सैपऊ, धौलपुर और राजाखेड़ा उपखंड के कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
राजाखेड़ा में सड़कें पानी में डूबीं
धौलपुर के राजाखेड़ा क्षेत्र में तेज बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी जमा हो गया है। जलभराव के कारण सामान्य यातायात प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के चलते जिले के कई ग्रामीण और निचले इलाकों में भी पानी भरने की स्थिति बनी है। प्रशासन लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दे रहा है।
चूरू में बारिश से बिगड़े हालात, घरों में घुसा पानी
चूरू जिले में भी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सादुलपुर में शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे से बारिश जारी है। इसके चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। महाराणा प्रताप चौक के आसपास पानी करीब 4 फीट तक भरने की जानकारी सामने आई है। जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के घरों में भी पानी पहुंचने लगा। लोगों को अपने घरों में पानी घुसने से रोकने के लिए मिट्टी से भरे कट्टों का सहारा लेना पड़ा। जलभराव की वजह से स्थानीय लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
डीग में तेज बारिश से दो मंजिला मकान ढहा
डीग जिले के कामां क्षेत्र स्थित घिलावटी गांव में गुरुवार सुबह तेज बारिश के दौरान दो मंजिला मकान अचानक गिर गया। मकान के मलबे में घरेलू सामान दब गया। हादसे की सबसे राहत वाली बात यह रही कि जिस समय मकान गिरा, उस वक्त अंदर कोई मौजूद नहीं था। इस वजह से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण मकान की नींव और दीवारें कमजोर हो गई थीं। माना जा रहा है कि इसी वजह से भवन बारिश का दबाव नहीं झेल सका।
धौलपुर के सैंपऊ में मकानों को भी नुकसान
बारिश का असर धौलपुर के सैंपऊ क्षेत्र में भी देखने को मिला। यहां गढ़ी गांव में तीन मकानों की दीवारें और छत की पट्टियां गिरने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश के कारण कच्चे और कमजोर निर्माण वाले मकानों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
किन इलाकों में 2 से 8 इंच तक हुई बारिश?
पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। अलवर, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली और सवाई माधोपुर के कई क्षेत्रों में बारिश का आंकड़ा 2 से 8 इंच तक पहुंचा। अलवर जिले के गोविंदगढ़ और कठूमर में बारिश दर्ज हुई। भरतपुर के भुसावर, बयाना, नगर, सीकरी, पहाड़ी और कुम्हेर में भी अच्छी बारिश हुई। धौलपुर के सरमथुरा, बाड़ी और बसेड़ी के अलावा दौसा के सिकराय, करौली के हिंडौन, मासलपुर और सुरौठ तथा सवाई माधोपुर के तलवाड़ा में भी बारिश हुई। इसके अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के कुछ इलाकों में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
बारिश के कारण 6 डिग्री तक गिरा तापमान
लगातार बारिश का असर राजस्थान के तापमान पर भी पड़ा है। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गुरुवार को दिन के अधिकतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। दौसा में अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि अलवर में 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सिरोही में 27.6, प्रतापगढ़ में 28.7, डूंगरपुर में 30.6 और उदयपुर में 31 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। बारिश और बादलों के कारण जहां कई इलाकों में गर्मी से राहत मिली है, वहीं लगातार बारिश से जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बढ़ी हैं।
7 अगस्त को 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार 7 अगस्त के लिए राजस्थान के 5 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 20 जिलों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक मौजूदा वेदर सिस्टम का असर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है और 10 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
राजस्थान में मानसून की सक्रियता के कारण आने वाले दिनों में भी कई जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान के जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा दिखाई दे रहा है। बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में जलभराव, सड़कें डूबने और कमजोर मकानों को नुकसान जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। वहीं, लगातार बारिश से तापमान में गिरावट के कारण लोगों को गर्मी से राहत भी मिल रही है। प्रशासन की ओर से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी जा रही है। खासकर पार्वती नदी जैसे जलस्रोतों के आसपास बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।