कोलकाता: नीट (NEET) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शन की तपिश अब पश्चिम बंगाल तक पहुंचने लगी है। कोलकाता में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की छात्र इकाई एसएफआई (SFI) और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने कड़ा रुख अपनाया है।गुरुवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में नेताओं ने स्पष्ट किया कि नीट मामले की आड़ में बंगाल में किसी भी प्रकार की राजनीतिक अराजकता या कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रशासन ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटेगा।
विदेशी फंडिंग और राजनीतिक साजिश का आरोप
संवाददाता सम्मेलन में राज्य के मंत्री तापस रॉय, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार, मीडिया सेल के संयोजक बिमलशंकर नंद और राज्य युवा मोर्चा के सामान्य सचिव आशीष विश्वास मौजूद रहे।बैठक के दौरान नेताओं ने स्वीकार किया कि परीक्षा प्रणाली में सरकार से कुछ "विचलन" (चूक) हुई है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले में अभूतपूर्व और कड़े कदम उठाए हैं। दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों की तुलना दक्षिण एशिया के अन्य पड़ोसी देशों में हुई हालिया राजनीतिक अस्थिरता से करते हुए तापस रॉय ने कहा,"पेपर लीक के बाद भारत सरकार ने जिस तेजी से कार्रवाई की है, वह मिसाल है। इसके बावजूद राजनीतिक हितों के लिए माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। देश में पड़ोसी देशों जैसी स्थिति पैदा करने की साजिश रची जा रही है और इसके लिए विदेश से धन आ रहा है। लेकिन हम पश्चिम बंगाल में इस साजिश को सफल नहीं होने देंगे।"उन्होंने यूपीए शासनकाल के शिक्षा बजट (8,200 करोड़ रुपये) की तुलना वर्तमान बजट (1.39 लाख करोड़ रुपये) से करते हुए जनता से शांति बनाए रखने की अपील की।
"उमर खालिद की रिहाई की मांग का नीट से क्या संबंध?"
बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार ने दिल्ली में सीजेपी (CJP) के बैनर तले हो रहे प्रदर्शनों और सोनम वांगचुक के अनशन पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन अब छात्रों के हितों से भटक चुका है।

देवजीत सरकार ने कहा,"दिल्ली में गाड़ियों के ईंधन टैंक खोलकर आग लगाई जा रही है, महिला पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। प्रदर्शनों में सांप्रदायिक हिंसा के आरोपी उमर खालिद की रिहाई, अनुच्छेद 370 की बहाली और हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। आखिर इन मांगों का नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक से क्या लेना-देना है?"
फास्ट ट्रैक कोर्ट का वादा और केंद्र का बातचीत का प्रस्ताव
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट मामले में दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए विशेष 'फास्ट ट्रैक कोर्ट' के गठन का ऐलान किया है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर "किसी भी समय, किसी भी स्थान" पर चर्चा के लिए तैयार है।संवाददाता सम्मेलन के अंत में मंत्री तापस रॉय ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन यदि आंदोलन के नाम पर बंगाल में हिंसा या उपद्रव फैलाने का प्रयास किया गया, तो प्रशासन सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।