कोलकाता: न्यू टाउन के पाथरघाटा पंचायत इलाके में भाजपा पार्टी कार्यालय को लेकर विवाद गहरा गया। नवनिर्मित पार्टी कार्यालय को तोड़ने की मांग को लेकर भाजपा के ही दो गुट आमने-सामने आ गए। मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर जुट गए। जानकारी के मुताबिक, राजारहाट के कादाय इलाके से भाजपा कार्यकर्ताओं का एक समूह पाथरघाटा पहुंचा था। यह समूह भाजपा कार्यकर्ता आशीष पांडे के नेतृत्व में वहां पहुंचा और पार्टी कार्यालय को लेकर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं की ओर से नवनिर्मित भाजपा कार्यालय को तोड़ने की मांग की गई। इस दौरान स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बाहरी कार्यकर्ताओं का विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
बाहरी कार्यकर्ताओं को बुलाने का आरोप
स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस पूरे विवाद के पीछे बाहरी लोगों को बुलाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बाहर से भाजपा कार्यकर्ताओं को लाकर इलाके में जानबूझकर विवाद पैदा किया जा रहा है। स्थानीय कार्यकर्ताओं के मुताबिक, पार्टी कार्यालय को लेकर पहले से ही विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी बीच आशीष पांडे के नेतृत्व में एक समूह वहां पहुंचा और कार्यालय तोड़ने की मांग करने लगा। इसको लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के कारण मौके पर तनाव बढ़ गया। स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की जांच की मांग भी उठाई है। हालांकि, इन आरोपों पर दूसरे पक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया है, यह स्पष्ट नहीं है।
जमीन पर प्रमोटिंग को लेकर भी आरोप
विवाद के बीच स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमीन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि प्रमोटर अलाउद्दीन शेख की नजर इस जमीन पर है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का दावा है कि उक्त जगह पर प्रमोटिंग की योजना बनाई जा रही है। आरोप है कि जमीन को लेकर विवाद खड़ा करने के लिए बाहर से लोगों को बुलाया गया। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे देकर बाहरी कार्यकर्ताओं को हंगामा करने के लिए लाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जमीन और पार्टी कार्यालय को लेकर विवाद की वास्तविक वजह क्या है, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में सभी पक्षों का सामने आना जरूरी माना जा रहा है।
मौके पर पहुंचे विधायक, कार्यकर्ताओं को हटाया
विवाद बढ़ने की सूचना मिलने के बाद राजारहाट-न्यू टाउन के विधायक पीयूष कनोरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की और वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं से बातचीत की। विधायक ने आशीष पांडे समेत कई भाजपा कार्यकर्ताओं को फटकार लगाई। इसके बाद बाहरी कार्यकर्ताओं को मौके से हटाया गया। विधायक के हस्तक्षेप के बाद तत्काल स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यालय को किसी भी हालत में नहीं तोड़ा जाएगा। विधायक के इस रुख के बाद पार्टी कार्यालय तोड़े जाने की मांग पर फिलहाल रोक लग गई। हालांकि, भाजपा के दोनों गुटों के बीच विवाद को लेकर इलाके में राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है।
भाजपा के अंदर गुटबाजी का मामला?
पाथरघाटा में सामने आया यह विवाद भाजपा के अंदर गुटबाजी की ओर भी इशारा कर रहा है। एक ही पार्टी के कार्यकर्ताओं का पार्टी कार्यालय को लेकर आमने-सामने आना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय कार्यकर्ताओं और बाहर से पहुंचे कार्यकर्ताओं के बीच विवाद ने मामले को और गंभीर बना दिया। वहीं, जमीन और प्रमोटिंग को लेकर लगाए गए आरोपों ने विवाद में नया मोड़ ला दिया है। फिलहाल विधायक के हस्तक्षेप के बाद पार्टी कार्यालय को तोड़ने की कार्रवाई नहीं हुई है। मामले में आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से पार्टी स्तर पर भी मामले को उठाए जाने की संभावना है। अब देखना होगा कि इस विवाद को लेकर पार्टी नेतृत्व क्या कदम उठाता है।