पश्चिम बंगाल: के राजाहाट-न्यू टाउन क्षेत्र में एक बहुमंजिला इमारत के निर्माण में हुई कथित धांधली और भ्रष्टाचार के सिलसिले में बुधवार को एयरपोर्ट (विमानपत्तन) थाने की पुलिस ने पूर्व विधायक तापस चटर्जी से लंबी पूछताछ की। यह कार्रवाई राजाहाट-गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक तरुणज्योति तिवारी द्वारा चालू वर्ष के जुलाई महीने में दर्ज कराई गई शिकायत और एफआईआर (FIR) के आधार पर की गई है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों और अवैध नक्शे के आधार पर बहुमंजिला इमारत के निर्माण से जुड़े आरोपों की जांच के तहत पूर्व विधायक को पूछताछ के लिए तलब किया था।
कैखाली में फर्जी दस्तावेजों और बैकडेटेड नक्शे से निर्माण का आरोप
विधायक तरुणज्योति तिवारी की शिकायत के अनुसार, कैखाली के सरदार पाड़ा इलाके में एक बहुमंजिला इमारत के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई हैं। आरोप है कि इस परियोजना के लिए फर्जी दस्तावेज (Fake Documents) तैयार किए गए, तारीख बदलकर (Backdated) फर्जी नक्शे (Plan) पास कराए गए और गैर-कानूनी तरीके से निर्माण की स्वीकृतियां हासिल की गईं। इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ होने का आरोप लगाया गया है।
FIR में पूर्व विधायक समेत कई अन्य के नाम शामिल
विमानपत्तन थाने में दर्ज इस प्राथमिकी (FIR) में पूर्व विधायक तापस चटर्जी के अलावा कई अन्य प्रभावशाली लोगों के नाम भी शामिल हैं। इसमें वसूली (Extortion) के मामले में पहले से गिरफ्तार देवराज चक्रवर्ती का नाम भी दर्ज है। पुलिस जांच अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर में नामजद लोगों की भूमिका और अवैध स्वीकृतियों के सांठगांठ की गहन जांच की जा रही है।
'मैं निर्दोष हूं और जांच में सहयोग के लिए तैयार हूं': तापस चटर्जी
मामले में नाम सामने आने और पूछताछ के बाद पूर्व विधायक तापस चटर्जी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने पहले भी स्पष्ट किया था कि वे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या अनियमितता में शामिल नहीं हैं। उन्होंने दोहराया कि वे कानून का सम्मान करते हैं और जांच के सिलसिले में जब भी पुलिस या जांच एजेंसियां उन्हें बुलाएंगी, वे पूछताछ का सामना करने और पूरा सहयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
मामले की जांच में जुटी एयरपोर्ट थाना पुलिस
एयरपोर्ट थाने के जांच अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि निर्माण की मंजूरी देने में प्रशासनिक स्तर पर क्या-क्या कमियां रहीं और क्या वाकई बैकडेटेड दस्तावेजों का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस इस सिलसिले में एफआईआर में दर्ज अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।