कोलकाता: के आईटी हब साल्टलेक सेक्टर फाइव स्थित एक बहुमंजिला इमारत में मंगलवार रात विधाननगर पुलिस ने छापेमारी कर विदेशी नागरिकों को ठगने वाले एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। विधाननगर साइबर क्राइम थाना, डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (DD), स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। मौके से धोखाधड़ी में शामिल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 8 महिलाओं को बीएनएसएस (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस देकर जांच के दायरे में रखा गया है।
अमेजन का प्रतिनिधि बनकर करते थे फर्जी बुकिंग
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को अमेजन (Amazon) जैसी नामी-गिरामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रतिनिधि बताते थे। वे विदेशी नागरिकों को फोन कर फर्जी बुकिंग, संदिग्ध ट्रांजैक्शन और फर्जी पेमेंट स्कीमों का झांसा देकर उनसे भारी रकम ऐंठते थे। ठगी का यह पूरा खेल सेक्टर फाइव की एक इमारत से अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।
लैपटॉप, मोबाइल और नकदी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल सबूत और उपकरण जब्त किए हैं। जब्त किए गए सामान में 12 लैपटॉप, सिम कार्ड लगे 23 मोबाइल फोन, 29,210 रुपये नकद, विदेशी ग्राहकों के निजी डेटा से जुड़े दस्तावेज और कई अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियां शामिल हैं। पुलिस इन जब्त उपकरणों के जरिए वित्तीय लेन-देन के आंकड़ों की पड़ताल कर रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स थाने में मामला दर्ज
इस मामले को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और इंडियन टेलीग्राफ एक्ट की प्रासंगिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि गिरोह के मुख्य सरगना का पता लगाया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और वित्तीय ठगी की जांच जारी
विधाननगर पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस फर्जी कॉल सेंटर के तार किसी अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं। इसके साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक विदेशी नागरिकों से कितने लाख या करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी की है। मामले में आगे की कानूनी और तकनीकी जांच जारी है।