कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सर्वभारतीय साधारण सचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव (PA) सुमित रॉय की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। रंगदारी (तोलाबाजी) और जमीन घोटाले के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे सुमित रॉय की तलाश में बुधवार शाम बिष्णुपुर और बेहाला थाने की संयुक्त पुलिस टीम उनके न्यू अलीपुर स्थित आवास पर पहुंची।काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद सुमित रॉय की मां ने दरवाजा खोला। पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी (Videography) करते हुए सुमित रॉय के नाम का कानूनी नोटिस उनकी मां को सौंप दिया।पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सुमित रॉय की मां ने कहा, "मेरा बेटा ऐसा नहीं है। मैं चाहती हूं कि यह मामला जल्द से जल्द सुलझ जाए।" हालांकि, सुमित इस वक्त कहां हैं, इस पर उनकी मां कोई जानकारी नहीं दे सकीं।
20 से 22 लाख की रंगदारी और रिजॉर्ट कब्जाने का आरोप
पुलिस कार्रवाई का यह मामला दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर थाने में दर्ज एक एफआईआर (FIR) से जुड़ा है। एक स्थानीय रिजॉर्ट मालिक ने शिकायत दर्ज कराई है कि 'सेवाश्रय' शिविर के दौरान अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय और बिष्णुपुर के टीएमसी विधायक दिलीप मंडल ने जबरन उनके रिजॉर्ट के कमरे बुक रखे और मालिक से करीब 20 से 22 लाख रुपये की रंगदारी वसूली। रिजॉर्ट का किराया मांगने पर उन्हें धमकाया गया।इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
कालीघाट स्थित अभिषेक के आवास पर भी पड़ी थी रेड
यह पहली बार नहीं है जब पुलिस सुमित रॉय की तलाश में पहुंची हो। इससे पहले जमीन धांधली और चुनाव में टिकट दिलाने के नाम पर उगाही के मामले में पश्चिम मेदिनीपुर जिले की शालबोनी थाना पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस सुमित की तलाश में कालीघाट स्थित टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास तक भी पहुंच चुकी है, लेकिन सुमित वहां से चकमा देकर फरार हो गए थे।
अदालत से जारी हो चुका है लुकआउट नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेदिनीपुर अदालत पहले ही सुमित रॉय के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट और लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) जारी कर चुकी है। इसके बाद सुमित के वकीलों ने कलकत्ता उच्च न्यायालय (Kolkata High Court) में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था।लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे सुमित रॉय की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अब उनके परिजनों और रिश्तेदारों पर शिकंजा कस रही है।