कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को गुंडादमन विधेयक पर चर्चा के दौरान एक भावुक दृश्य देखने को मिला। वक्फ हिंसा में मारे गए चंदन दास और हरगोबिंद दास के परिवार के सदस्य विधानसभा की दर्शक दीर्घा में मौजूद रहे।
सदन में पीड़ित परिवारों को सलाम
बहस के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गैलरी में बैठे दोनों परिवारों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यही वे लोग हैं, जिनकी पीड़ा ने इस कानून की जरूरत को जन्म दिया। उन्होंने सदन से दोनों परिवारों को सम्मान देने की अपील की। इसके बाद भाजपा के सभी विधायक अपनी सीटों से खड़े होकर उन्हें श्रद्धा और सम्मान प्रकट किया।
भाजपा ने बिल को बताया जरूरी
चर्चा में भाजपा विधायक अरूप कुमार दास ने दावा किया कि राज्य में अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध और हिंसा पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए गुंडादमन विधेयक आवश्यक है।
वक्फ हिंसा की घटना का जिक्र
गौरतलब है कि पिछले वर्ष संशोधित वक्फ कानून के विरोध के दौरान मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज, सूती और धुलियान समेत कई इलाकों में हिंसा हुई थी। इसी दौरान चंदन दास और हरगोबिंद दास की हत्या कर दी गई थी। मामले में बाद में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी।
राजनीतिक संदेश भी रहा प्रमुख
गुंडादमन विधेयक पर चर्चा के दौरान पीड़ित परिवारों की विधानसभा में मौजूदगी को भाजपा ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे से जोड़ते हुए बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। वहीं, इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।