तारापीठ, बीरभूम: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध तीर्थस्थल तारापीठ में श्रावण मास के अंतिम सोमवार की तड़के एक दर्दनाक हादसा सामने आया। तारापीठ थाने के पास स्थित चार मंजिला ‘विदेशिनी’ होटल में सुबह करीब 4:30 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में कुल 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जिनमें मेघालय के एक ही परिवार के पांच सदस्य और अलीपुरद्वार के चार लोग शामिल हैं। मृतकों में दो बच्चे भी बताए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक, राहत और बचाव अभियान के दौरान 28 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, सात लोगों को झुलसने और धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी के बाद रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई आग, धुएं ने बढ़ाई मुश्किल
प्रारंभिक जांच में आग होटल के ग्राउंड फ्लोर स्थित रिसेप्शन क्षेत्र में लगे एसी के MCB में शॉर्ट सर्किट से शुरू होने की आशंका जताई गई है। बताया जा रहा है कि जिस समय आग लगी, ज्यादातर श्रद्धालु अपने कमरों में सो रहे थे। आग लगने के बाद बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और होटल में अंधेरा छा गया। आग मुख्य रूप से निचली मंजिलों तक सीमित रही, लेकिन होटल के इंटीरियर और बंद खिड़कियों के कारण जहरीला धुआं ऊपर की मंजिलों तक फैल गया।
इमरजेंसी एग्जिट बंद होने का आरोप
हादसे के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और बचे लोगों के अनुसार, होटल के पीछे का आपातकालीन निकास और छत की ओर जाने वाला रास्ता कथित तौर पर बंद था। धुएं और आग से घबराए लोग बाहर निकलने के लिए मुख्य रास्ते की ओर जाने लगे, जहां आग की लपटें तेज थीं। कई लोगों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। कुछ लोग पाइप के सहारे नीचे उतरे, जबकि कुछ ने पेड़ों के जरिए जान बचाने की कोशिश की। संभावित रूप से कुछ लोगों के पास के तालाब में कूदने की आशंका को देखते हुए NDRF और गोताखोरों की टीम ने वहां भी तलाशी अभियान चलाया।
मेघालय के परिवार के पांच लोगों की मौत
हादसे में मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स के शिबबाड़ी गांव से आए एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत हुई है। मृतकों में शामिल बताए गए हैं:
- राजेंद्र नाथ
- आशा नाथ
- औषनाथ मोदक, 8 वर्ष
- बूरन मोदक
- शिवराज मोदक, 10 वर्ष
इसी परिवार की माधवी मोदक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें अभी तक अपने पति और बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई है।
अलीपुरद्वार के चार श्रद्धालुओं की भी मौत
हादसे में अलीपुरद्वार से आए चार लोगों की भी जान गई। मृतकों में कमल रॉय (39), अमित पाल, सबीर साहा और राजेश शर्मा के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
होटल मालिक और उसके पिता गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने होटल मालिक कल्याण पाल और उसके पिता प्रबीर पाल को गिरफ्तार किया है। दोनों पर होटल में कथित तौर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस आग के वास्तविक कारण, होटल की फायर सेफ्टी व्यवस्था, इमरजेंसी एग्जिट की स्थिति और संबंधित अनुमति व सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है।
तारापीठ के दूसरे होटलों की भी जांच के निर्देश
हादसे के बाद प्रशासन ने आगामी कौशिकी अमावस्या के मद्देनजर तारापीठ के होटल, लॉज और होमस्टे की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। खास तौर पर फायर सेफ्टी सिस्टम, विद्युत वायरिंग और आपातकालीन निकास की जांच पर जोर दिया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं और अधिकारियों ने शोक व्यक्त किया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और आग लगने की अंतिम वजह तथा सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।