फरक्का: पश्चिम बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब रेल यातायात पर भी देखने को मिल रहा है। तिलडांगा और न्यू फरक्का के बीच रेलवे ट्रैक पर अचानक भूस्खलन होने से एनजेपी जाने वाली रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बाधित हो गया है। भूस्खलन के कारण कई ट्रेनें अलग-अलग स्थानों पर फंस गई हैं। इनमें कंचनकन्या एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन भी शामिल है। रेलवे की ओर से स्थिति को सामान्य करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। वहीं, उत्तर बंगाल जाने वाले यात्रियों को इस वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भारी बारिश के बाद रेलवे ट्रैक पर आया भूस्खलन
तिलडांगा और न्यू फरक्का के बीच रेलवे ट्रैक पर भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटना सामने आई है। लगातार बारिश के कारण रेलवे लाइन के आसपास की मिट्टी खिसकने से ट्रैक प्रभावित हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अत्यधिक बारिश को ही भूस्खलन की मुख्य वजह माना जा रहा है। अचानक ट्रैक प्रभावित होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई। रेलवे अधिकारियों को घटना की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। अब ट्रैक को जल्द से जल्द दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।
एनजेपी जाने वाली रेल लाइन पर परिचालन प्रभावित
भूस्खलन का सीधा असर एनजेपी जाने वाली रेल लाइन पर पड़ा है। इस मार्ग से उत्तर बंगाल की ओर जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें गुजरती हैं। ट्रैक प्रभावित होने के बाद ट्रेनों का परिचालन सामान्य तरीके से नहीं हो पा रहा है। कई ट्रेनों को रास्ते में ही रोकना पड़ा है। इससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। रेलवे की टीम ट्रैक की स्थिति का जायजा लेकर उसे सुरक्षित बनाने में जुटी हुई है। परिचालन कब तक पूरी तरह सामान्य होगा, यह मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कंचनकन्या एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें फंसी
भूस्खलन के कारण कंचनकन्या एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। उत्तर बंगाल की ओर जाने वाली ट्रेनों को इस घटना के कारण रास्ते में रोकना पड़ा है। एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ-साथ लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हो रही है। स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है। रेलवे की ओर से ट्रेनों की आवाजाही को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। यात्रियों से रेलवे की ओर से ताजा जानकारी के आधार पर यात्रा की योजना बनाने की अपील की जा सकती है।
रेलवे कर्मचारी युद्धस्तर पर जुटे
घटना के बाद रेलवे कर्मचारी ट्रैक को साफ करने और क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। मौके पर मौजूद कर्मचारी भूस्खलन से प्रभावित रेल लाइन की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। ट्रैक से मिट्टी और मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ट्रैक पर दोबारा ट्रेनों का परिचालन शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों की पूरी तरह जांच हो। रेलवे की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा के साथ परिचालन बहाल करना है। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद ही ट्रेनों को सामान्य गति से चलाने की अनुमति दी जाएगी।
उत्तर बंगाल जाने वाली कई ट्रेनें प्रभावित
इस घटना का असर खास तौर पर उत्तर बंगाल जाने वाली ट्रेनों पर पड़ा है। कई एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनें भूस्खलन के कारण प्रभावित हुई हैं। ट्रेनें रुकने से यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। रेलवे मार्ग को जल्द खोलने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। फिलहाल यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति की जानकारी लेते रहने की सलाह दी जा रही है। रेलवे की ओर से परिचालन सामान्य होने के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
भारी बारिश ने बढ़ाई रेल यात्रियों की परेशानी
पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण पहले से ही जनजीवन प्रभावित है। अब रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन की घटना ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रेल मार्ग बाधित होने से सड़क और रेल दोनों माध्यमों से यात्रा करने वालों पर इसका असर पड़ सकता है। उत्तर बंगाल की ओर जाने वाले यात्रियों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे कर्मचारी लगातार स्थिति को सामान्य करने में लगे हुए हैं। फिलहाल सभी की नजर ट्रैक की मरम्मत और रेल परिचालन दोबारा शुरू होने पर है।