कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में लोक सुरक्षा और समाज विरोधी गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्षी तृणमूल के दो गुटों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए। चर्चा के लिए विपक्ष की ओर से भेजी गई वक्ताओं की सूची में कालीघाट गुट के नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय का नाम शामिल होने के बाद सदन का माहौल गरमा गया।
'हम अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस...' कहते ही शुरू हुआ हंगामा
शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने अपनी बात शुरू करने से पहले पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाने की अनुमति मांगी। इसके बाद जैसे ही उन्होंने कहा, "हम अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस...", सत्ता पक्ष की ओर से लगातार टिप्पणियां शुरू हो गईं। कई विधायकों ने तंज कसते हुए कहा कि यह "अखिल भारतीय नहीं, कालीघाट तृणमूल" है।
सत्ता पक्ष ने कहा- पहले अपने घर का विवाद सुलझाइए
सदन में मौजूद एक मंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "अपने घर का विवाद पहले घर में ही सुलझाइए।" इस टिप्पणी के बाद कुछ देर तक सदन में शोर-शराबा और राजनीतिक नोकझोंक का माहौल बना रहा।
संसदीय कार्य मंत्री ने दी प्रक्रिया की जानकारी
संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष ने स्पष्ट किया कि सदन में वक्ताओं की सूची विपक्ष के मुख्य सचेतक द्वारा भेजी जाती है और उसी के आधार पर नाम तय होते हैं। उन्होंने शोभनदेब चट्टोपाध्याय से कहा कि यदि कोई आपत्ति है तो वह विपक्ष के मुख्य सचेतक अखरुज्जमान से इस विषय पर चर्चा करें, क्योंकि इसमें सत्ता पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।