पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती चरम पर है। Election Commission of India ने 152 सीटों पर होने वाले मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा तैनाती की है।
7 जिले घोषित सबसे संवेदनशील
राज्य के 16 जिलों में से 7 जिलों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है, जिनमें मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूच बिहार, बीरभूम, पश्चिम मिदनापुर और पश्चिम बर्दवान शामिल हैं। इन जिलों में पिछले चुनावों के दौरान हुई हिंसा और संवेदनशील बूथों के रिकॉर्ड को देखते हुए निगरानी और कड़ी कर दी गई है।
2193 QRT और केंद्रीय बल तैनात
चुनाव आयोग ने सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ कुल 2193 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात की हैं, ताकि किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। सबसे ज्यादा 219 QRT मुर्शिदाबाद जिले में तैनात की गई हैं, जिसे लंबे समय से चुनावी हिंसा प्रभावित क्षेत्र माना जाता है।
दो स्तर की जांच से गुजरेंगे मतदाता
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए दोहरी जांच व्यवस्था लागू की गई है:
पहले Central Armed Police Forces (CAPF) के जवान जांच करेंगे
इसके बाद बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा दूसरी जांच की जाएगी
इसके बाद ही मतदाता को वोट डालने की अनुमति मिलेगी।
पुलिस को सख्त चेतावनी
चुनाव आयोग ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
निष्पक्ष मतदान पर फोकस
कुल मिलाकर, इस बार आयोग पूरी कोशिश में है कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों।