कांथी/मोयना: पश्चिम बंगाल में युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले जालसाजों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कस दिया है। राज्य से धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिसमें पुलिस ने कांथी (Contai) से एक सत्तारूढ़ दल टीएमसी के नेता और मोयना (Moyna) इलाके से प्राथमिक शिक्षक भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
केस 1: मत्स्य विभाग में नौकरी के नाम पर ठगी, TMC नेता गिरफ्तार
पहला मामला पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी का है। यहाँ कांथी मछुआरा संघ (Fishemen Union) के चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस नेता अमीन सोहेल पर मत्स्य विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ₹5 लाख की ठगी करने का आरोप लगा है। जूनपुट कोस्टल थाने की पुलिस ने मंगलवार को अमीन सोहेल को गिरफ्तार कर लिया।
₹5 लाख की धोखाधड़ी: शिकायतकर्ता गौरांग हाजरा के अनुसार, साल 2023 में अमीन सोहेल ने उनसे मत्स्य विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का वादा कर 5 लाख रुपये लिए थे। लंबे समय तक नौकरी न मिलने पर जब गौरांग को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे। बार-बार तकादा करने के बाद भी जब रकम नहीं लौटी, तो उन्होंने जूनपुट कोस्टल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
राजनीतिक साजिश का दावा: गिरफ्तारी के बाद सोहेल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। हालांकि, आरोपी अमीन सोहेल ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा, "यह एक झूठा आरोप है। मैं राजनीति करता हूं, और राजनीति में पुलिस केस होना एक आम बात है।"
भाजपा का पलटवार: स्थानीय भाजपा नेता और कांथी-1 पंचायत समिति के सह-सभापति उमेश प्रधान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "भाजपा ने यह शिकायत नहीं की है। उन्होंने नौकरी का झांसा देकर लोगों से पैसे लिए और पीड़ितों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। इस घटना का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। कानून अपना काम कर रहा है।"
केस 2: प्राइमरी स्कूल में नौकरी का झांसा देकर लूटे ₹14 लाख, तीन गिरफ्तार
दूसरा मामला मोयना थाना क्षेत्र का है, जहां प्राथमिक विद्यालय (Primary School) में शिक्षक की नौकरी दिलाने का वादा कर एक गिरोह ने लाखों रुपये उड़ा लिए। इस मामले में पुलिस ने उत्तर 24 परगना के नैहाटी से मुख्य आरोपी तपन साहा को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से मोयना का ही रहने वाला है।
2017 से अटका था मामला: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2017 में मोयना के मथुरापुर गांव के एक निवासी से प्राथमिक शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर ₹14 लाख से अधिक की रकम वसूली गई थी। सालों बीत जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली और पैसे वापस पाने के सारे रास्ते बंद हो गए, तो पीड़ित ने आखिरकार गत 17 जून को मोयना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
नैहाटी से दबोचा गया तीसरा आरोपी: मामले की जांच में जुटी पुलिस ने सबसे पहले जयंत कुमार मैती और नंदकुमार थाना क्षेत्र के सत्येश्वर घोड़ाई को गिरफ्तार किया था। इन दोनों से मिली लीड के आधार पर पुलिस ने 5 जुलाई को नैहाटी में छापेमारी कर तीसरे आरोपी तपन साहा को भी धर दबोचा।
पुलिस प्रशासन अब इन दोनों मामलों की गहराई से जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस बात का पता लगाया जा रहा है कि इन दोनों धोखाधड़ी रैकेट के पीछे और कौन से बड़े चेहरे या प्रभावशाली लोग शामिल हैं।