नई दिल्ली. देश की ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ने अपने दीर्घकालिक विस्तार कार्यक्रम को नई गति देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय लिया है। कंपनी के निदेशक मंडल ने कर्ज लेने की अधिकतम सीमा को 1.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2.20 लाख करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। यह निर्णय देश में तेजी से बढ़ रही बिजली की मांग, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार और आधुनिक विद्युत प्रसारण नेटवर्क के निर्माण की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है और इसे आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही प्रभावी बनाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी को भविष्य की बड़ी परियोजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
विदेशी मुद्रा में पूंजी जुटाने की भी मिली मंजूरी
निदेशक मंडल ने कंपनी की वित्तीय क्षमता को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से बाह्य वाणिज्यिक उधारी के माध्यम से 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक की विदेशी मुद्रा जुटाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि बैंक ऑफ बड़ौदा के माध्यम से प्राप्त की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों से पूंजी जुटाने की यह रणनीति कंपनी को अपेक्षाकृत प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर संसाधन उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती है। ऊर्जा क्षेत्र में लगातार बढ़ते निवेश और उच्च लागत वाली आधारभूत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए इस प्रकार की वित्तीय व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे कंपनी की वैश्विक वित्तीय संस्थानों तक पहुंच भी और मजबूत होगी।
दक्षिण भारत की ट्रांसमिशन परियोजना को भी मिली स्वीकृति
बैठक में निदेशक मंडल ने तमिलनाडु के उडुमलपेट-मदुरै विद्युत प्रसारण मार्ग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण परियोजना को भी मंजूरी दी। इस परियोजना के अंतर्गत 400 केवी एकल परिपथ लाइन को 400 केवी क्वाड डबल परिपथ लाइन में उन्नत किया जाएगा। लगभग 772.65 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना क्षेत्रीय विद्युत प्रसारण क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने में सहायक होगी। कंपनी ने परियोजना को आवंटन की तिथि से 30 माह के भीतर, अर्थात 11 अगस्त 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस उन्नयन से दक्षिण भारत के औद्योगिक तथा घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
हरित ऊर्जा संक्रमण में अहम भूमिका निभाएगा निवेश
भारत में सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की क्षमता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इन परियोजनाओं से उत्पादित बिजली को देश के विभिन्न हिस्सों तक सुरक्षित और प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए अत्याधुनिक ट्रांसमिशन नेटवर्क की आवश्यकता भी तेजी से बढ़ी है। पावर ग्रिड द्वारा वित्तीय संसाधनों का विस्तार इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में हरित ऊर्जा गलियारों, उच्च क्षमता वाली ट्रांसमिशन लाइनों और आधुनिक ग्रिड प्रणाली में बड़े निवेश की आवश्यकता होगी। कंपनी की बढ़ी हुई कर्ज सीमा उसे इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की वित्तीय क्षमता प्रदान करेगी।
बिजली क्षेत्र की दीर्घकालिक जरूरतों को मिलेगा मजबूत आधार
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत विद्युत प्रसारण व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। उद्योग, डिजिटल अवसंरचना, परिवहन, शहरीकरण और ग्रामीण विद्युतीकरण की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल है। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के हालिया निर्णय केवल कंपनी की वित्तीय रणनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के ऊर्जा सुरक्षा ढांचे को भविष्य के लिए अधिक सक्षम बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि प्रस्तावित योजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी होती हैं, तो इससे विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी, नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण को गति मिलेगी और देश की ऊर्जा अवसंरचना को दीर्घकालिक मजबूती प्राप्त होगी।