उज्जैन से 50 किलोमीटर दूर स्थित माकड़ौन क्षेत्र में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति लगाने की बात को लेकर आज सुबह एक बड़ा विवाद उसे समय हो गया जब एक पक्ष ने सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति को हटाने के लिए उस पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए स्थितिया यह बनी कि इस विवाद को शांत करने के लिए पुलिस को माकड़ौन के साथ ही उज्जैन और तराना का पुलिस बल भी यहां तैनात करना पड़ा।
यह है विवाद का कारण
माकड़ोन के मंडी गेट और बस स्टैंड के पास काफी समय से एक जमीन खाली पड़ी है। भीम आर्मी चाहती है कि यहां डॉ. आंबेडकर की मूर्ति लगाई जाए। जबकि, पाटीदार समाज के लोग सरदार पटेल की मूर्ति लगाने की मांग करते आ रहे हैं। इस मामले की जानकारी सभी जिम्मेदारो को होने के साथ ही यह मामला पंचायत मे विचाराधीन भी है। आज जब लोगों ने यहां सरदार पटेल की मूर्ति देखी तो इसीलिए कुछ लोग भड़क गए और स्थिति पथराव और लाठी चार्ज तक पहुंच गई थी।
घटनास्थल पर पहुंचे एसपी - कहां घबराने की जरूरत नहीं अब स्थिति सामान्य
थाना माकड़ोन क्षेत्र में दो पक्षों (मालवीय,पाटीदार समाज) मे विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश भार्गव, अनुविभागीय अधिकारी, थाना प्रभारी माकड़ोन पहुँचे और दोनों पक्षों से घटना के संबंध में जानकारी ली। जिसमे एक पक्ष द्वारा माकड़ोन बस स्टैंड पर पूर्व से लगी सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा को अन्य समाज के लोगों ने गिरा दिया गया था, उनकी मांग है कि सरदार पटेल की प्रतिमा के स्थान पर बाबा अंबेडकर की प्रतिमा लगाई जावे। इसके पश्चात दोनो पक्षों में पत्थरबाजी की स्थिति बन गई। मौके पर पहुँचे अधिकारियों द्वारा दोनों पक्षों से बातचीत कर समझाईश दी गई, स्थिति सामान्य है।
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