कक्षा 8वीं के बाद जो छात्र व्यावसायिक विषय का चयन करते हैं, उन्हें वह संस्कृत के स्थान पर पढ़ने को मिलता है। इसके अंक नवमी और दसवीं की अंकसूची में मुख्य विषय के रूप में दिखाए जाते हैं। हालांकि, दो साल पहले तक इन विषयों का लाभ केवल दसवीं तक ही सीमित था।
लेकिन हाल ही में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बदलाव करते हुए इन्हें कक्षा 11वीं और 12वीं में भी मुख्य विषय के तौर पर चुनने का विकल्प दिया है। फिलहाल, यह सुविधा कोनी हाई स्कूल और मल्टीपर्पस स्कूल जैसे चुनिंदा स्कूलों में ही उपलब्ध है, लेकिन नई शिक्षा नीति लागू होने के साथ इसका विस्तार किया जाएगा।
कक्षा 8वीं के बाद जो छात्र व्यावसायिक विषय का चयन करते हैं, उन्हें वह संस्कृत के स्थान पर पढ़ने को मिलता है। इसके अंक नवमी और दसवीं की अंकसूची में मुख्य विषय के रूप में दिखाए जाते हैं। हालांकि, दो साल पहले तक इन विषयों का लाभ केवल दसवीं तक ही सीमित था। लेकिन हाल ही में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बदलाव करते हुए इन्हें कक्षा 11वीं और 12वीं में भी मुख्य विषय के तौर पर चुनने का विकल्प दिया है। फिलहाल, यह सुविधा कोनी हाई स्कूल और मल्टीपर्पस स्कूल जैसे चुनिंदा स्कूलों में ही उपलब्ध है, लेकिन नई शिक्षा नीति लागू होने के साथ इसका विस्तार किया जाएगा।
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