बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक महत्वपूर्ण अपील की कि, सभी हिंदू अपने नाम के पहले "हिंदू" शब्द का प्रयोग करें। उनका मानना है कि वर्तमान में लोग अपने नाम के साथ जाति जोड़ते हैं, जैसे ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य या शूद्र। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कहना है कि, यदि हम अपने नाम के पहले "हिंदू" लगाएंगे, तो अन्य देशों से आने वाले लोग हमें हमारी धर्मिक पहचान से जानेंगे, न कि जाति के आधार पर।
शास्त्री ने भारत में जात-पात के बढ़ते संकट पर चिंता जताई
पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भारत में जात-पात के बढ़ते संकट पर चिंता जताई और इसे समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बाबा बागेश्वर ने अपने इस बयान में कहा कि, स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि, इसे "करो या मरो" जैसा चुनौतीपूर्ण मानना चाहिए। इस संकट से उबरने के लिए, शास्त्री ने जात-पात की समाप्ति की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने की योजना बनाई है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पैदल यात्रा करेंगे
आपको बता दें कि, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की योजना के तहत, वे छतरपुर से ओरछा तक पैदल यात्रा करेंगे और हिंदू एकता को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने आगे बताया है कि, इस यात्रा को "हिंदू एकता पदयात्रा" नाम दिया गया है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर का लक्ष्य है कि, इस यात्रा के माध्यम से वे सभी हिंदुओं को एकजुट कर सकें और भारत को जाति आधारित भेदभाव से मुक्त बना सकें।
यात्रा में हजारों लोग इसमें शामिल होंगे
इस यात्रा के दौरान, रजिस्ट्रेशन मोबाइल के माध्यम से किया जाएगा और हजारों लोग इसमें शामिल होंगे। इस यात्रा की शुरुआत छतरपुर से होगी और इसका समापन पवित्र नगरी ओरछा में होगा। छतरपुर जिले में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने विभिन्न समाज और समुदाय के लोगों से मिलकर उनकी राय और सुझाव लिए, ताकि पदयात्रा को सफल बनाया जा सके और सभी का समर्थन प्राप्त किया जा सके। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की इस पहल का मुख्य उद्देश्य हिंदुओं को एकजुट करना और उन्हें जाति के आधार पर विभाजित करने वाली बाधाओं को समाप्त करना है।