भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को भिलाई में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के निवास समेत तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की गई। अधिकारियों की टीम करीब छह वाहनों में सवार होकर पहुंची और तड़के करीब 2 बजे से तलाशी अभियान शुरू किया। फिलहाल संबंधित दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
रिटायर्ड IAS जेके ध्रुव के घर ED का छापा
गौरतलब है कि जेके ध्रुव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाला मामले में भी आरोपी हैं और वर्तमान में जेल में बंद हैं। ऐसे में भारतमाला परियोजना से जुड़े मामले में उनके संभावित संबंधों को लेकर जांच एजेंसियां पड़ताल कर रही हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर से जुड़े भुगतान घोटाले में हरमीत सिंह खनूजा को मुख्य आरोपी और कथित जमीन दलाल बताया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में आर्थिक लेनदेन और भूमि अधिग्रहण से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है।
बताया जाता है कि हरमीत सिंह खनूजा ने अपनी पहली पत्नी से तलाक के बाद हरमीत सिंह चावला की बेटी और तहसीलदार रविंदर कौर से विवाह किया था। जांच के दौरान ईडी को आरोपी के ससुर हरमीत सिंह चावला से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जानकारी मिली है, जिनकी अब विस्तार से जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। हालांकि अब तक कार्रवाई में क्या-क्या बरामद हुआ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ईडी की टीम जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक कर सकती है।