छतरपुर। महल रोड स्थित बालाजी मंदिर के पास मानवता और तत्परता का प्रेरक उदाहरण सामने आया। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति को अचानक साइलेंट अटैक आने से वे सड़क पर गिर पड़े। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन इसी बीच अभिषेक कुशवाहा ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए तुरंत CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देकर बुजुर्ग की जान बचा ली।
समय पर प्राथमिक उपचार बना जीवनरक्षक, जागरूकता से टली बड़ी अनहोनी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुजुर्ग अचानक बेहोश होकर गिर पड़े थे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अभिषेक कुशवाहा ने बिना समय गंवाए प्राथमिक उपचार शुरू किया। कुछ ही क्षणों में CPR के प्रभाव से बुजुर्ग की हालत में सुधार होने लगा। बाद में उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने समय पर दिए गए CPR को जीवनरक्षक बताया। यह घटना एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि आपातकालीन परिस्थितियों में सही जानकारी और त्वरित कार्रवाई किसी की जिंदगी बचा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक या साइलेंट अटैक की स्थिति में CPR का सही उपयोग कई बार मरीज को नई जिंदगी दे सकता है। स्थानीय लोगों ने अभिषेक कुशवाहा की तत्परता और मानवता की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक कदम बताया। यह घटना समाज में प्राथमिक उपचार और CPR जैसी जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
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