रायपुर। छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे MBBS डॉक्टरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के आश्वासन के बाद सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान में मिलने वाला ₹15,900 का मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹25 हजार प्रतिमाह करने का आश्वासन दिया गया है।
करीब 20 दिन से चल रहा था डॉक्टरों का आंदोलन
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टर करीब 20 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। बुधवार को डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि स्टाइपेंड बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और विभागीय स्तर पर जरूरी कार्रवाई तेजी से पूरी की जा रही है। मंत्री के आश्वासन के बाद डॉक्टरों ने अपना आंदोलन फिलहाल 30 अगस्त तक स्थगित करने का फैसला लिया है।
₹15,900 से बढ़कर ₹25 हजार होगा स्टाइपेंड
छत्तीसगढ़ में फिलहाल MBBS इंटर्न डॉक्टरों को ₹15,900 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता है। सरकार की ओर से इसे बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह करने का आश्वासन दिया गया है।विभागीय और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सितंबर से बढ़ा हुआ स्टाइपेंड मिलने की उम्मीद है। इससे राज्य के मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलेगी।
डॉक्टर कर रहे थे ₹30 हजार स्टाइपेंड की मांग
इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग थी कि मौजूदा ₹15,900 की राशि को बढ़ाकर ₹30 हजार प्रतिमाह किया जाए।डॉक्टरों का कहना है कि पिछले करीब तीन वर्षों से स्टाइपेंड में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस दौरान महंगाई के साथ रहने, खाने और अन्य जरूरी खर्चों में काफी इजाफा हुआ है।
24 घंटे की ड्यूटी और बढ़ती जिम्मेदारियों का हवाला
इंटर्न डॉक्टर मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में मरीजों की देखभाल से लेकर वार्ड ड्यूटी, इमरजेंसी और अन्य चिकित्सकीय जिम्मेदारियां निभाते हैं। कई बार उन्हें लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है।डॉक्टरों का कहना है कि काम के बढ़ते दबाव और जिम्मेदारियों को देखते हुए मौजूदा स्टाइपेंड पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से वे लंबे समय से इसमें बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे।
30 अगस्त तक आंदोलन स्थगित
स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने फिलहाल आंदोलन को 30 अगस्त तक स्थगित कर दिया है। अब डॉक्टरों की नजर विभागीय प्रक्रिया पूरी होने और बढ़े हुए स्टाइपेंड के आदेश पर है।सरकार की ओर से प्रक्रिया पूरी होने के बाद सितंबर से ₹25 हजार का संशोधित स्टाइपेंड मिलने की उम्मीद जताई गई है।