रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 उद्योगों का उत्पादन बंद करा दिया है। वहीं 13 उद्योगों पर कुल 28 लाख 92 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
जनवरी 2026 से चल रहा अभियान..जल और वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर नजर
मंडल द्वारा जनवरी 2026 से जल और वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लगातार निरीक्षण और निगरानी के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों की पहचान की गई। इस दौरान 23 उद्योगों को नोटिस जारी किया गया, जिनमें उरला और सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र के स्पंज आयरन प्लांट प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बड़े उद्योगों को भी नोटिस..नियम तोड़ने पर नामी कंपनियां भी घेरे में
कार्रवाई के तहत, वासवानी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, शिल्फी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड, एसकेएस इस्पात एंड पावर लिमिटेड जैसे उद्योगों को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया गया। वहीं सारडा एनर्जी मिनरल्स लिमिटेड को बिना अनुमति फ्लाई ऐश डंपिंग के मामले में नोटिस दिया गया।
सुधार नहीं करने पर सख्ती..बिजली कनेक्शन तक काटे गए
मंडल के अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस के बाद भी कई उद्योगों ने सुधार नहीं किया और बिना अनुमति संचालन जारी रखा। शिकायतों में प्रदूषण की पुष्टि होने पर ऐसे उद्योगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए..उत्पादन बंद कराया गया,बिजली कनेक्शन काट दिए गए
नियमों का पालन नहीं तो नहीं मिलेगा संचालन की अनुमति
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित उद्योग पर्यावरणीय मानकों और वैधानिक शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं करेंगे, उन्हें दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंडल ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी नियमों की अनदेखी करने वाले उद्योगों पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उद्योगों से अपील
मंडल ने सभी औद्योगिक इकाइयों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दें और तय मानकों का पालन करें, ताकि आम लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को रोका जा सके।