छत्तीसगढ़ में 500 से अधिक तहसीलदारों की चल रही हड़ताल समाप्त हो गई है। प्रशासनिक सेवा संघ ने सरकार से बातचीत के बाद आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है। संघ के अनुसार उन्हें दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन मिला है। अब प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक दंडाधिकारी 4 जून से अपने नियमित कार्य पर लौटेंगे।
हड़ताल के दौरान प्रदेश की अधिकांश तहसीलों में राजस्व कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा, जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब कामकाज फिर से सामान्य होने की उम्मीद है।
विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुरू हुआ था आंदोलन
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब सरगुजा जिले के मैनपाट तहसील क्षेत्र में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ शासकीय कार्य के दौरान मारपीट की घटना सामने आई। आरोप है कि इसमें सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो से जुड़े लोगों की भूमिका रही।इसी घटना के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार राजधानी रायपुर पहुंचे और हड़ताल शुरू कर दी।
राजनीतिक बयानबाजी और विरोध भी तेज हुआ
हड़ताल के दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने सरकार पर विधायक को बचाने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष और अन्य संगठनों ने भी इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी।
सरकार से आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित
संघ के अनुसार सरकार की ओर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, अधिकारियों की सुरक्षा और लंबित मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया है। इसी के बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला किया गया।
अब सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक दंडाधिकारी 4 जून से सामान्य रूप से अपने-अपने कार्यों पर लौटेंगे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था के फिर से सुचारू होने की उम्मीद है।