छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बालोद में आयोजित जंबूरी कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक राघवेन्द्र सिंह ने आयोजन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव से पूछा कि टेंडर जारी होने से पहले काम कैसे शुरू हुआ और महज चार दिनों में पूरा कैसे कर लिया गया।
इस पर जवाब देते हुए मंत्री गजेन्द्र यादव ने शायरी के अंदाज में अपनी बात शुरू की और कहा कि “नेशनल का काम अलग है और हमारा काम अलग।” उन्होंने स्पष्ट किया कि जंबूरी आयोजन की प्रक्रिया उनके अध्यक्ष बनने से पहले ही शुरू हो चुकी थी और निर्णय राज्य कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया था।
विधायक राघवेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि 10 दिसंबर को पहला टेंडर निरस्त कर नया टेंडर जारी किया गया, जिसे 4 जनवरी 2026 को खोला जाना था, लेकिन उससे पहले ही काम शुरू कर दिया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की विधानसभा समिति से जांच कराने की मांग की।
इस दौरान सदन में तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। विधायक सुशांत शुक्ला की टिप्पणी पर राघवेन्द्र सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुद्दे को भटकाया जा रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मंत्री के जवाब को अस्पष्ट बताते हुए सरकार पर गुमराह करने का आरोप लगाया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायकों ने अतिथि शिक्षकों के मुद्दे को लेकर सदन से वॉकआउट कर दिया।
इसके अलावा, उद्योगों को कम दर पर जमीन आवंटन के मुद्दे पर भी विपक्ष ने हंगामा किया। खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव ने उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन से सवाल किया कि 253 एकड़ जमीन मात्र 5-6 लाख रुपये की लीज पर किस नियम के तहत आवंटित की गई।
इस पर मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब दिया कि राज्य सरकार नवीन ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सौर विद्युत परियोजनाओं के लिए यह आवंटन कर रही है। हालांकि, इस जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया।
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