होली पर्व से पहले कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अचानक भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है और इस छवि को हर हाल में बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। त्योहारों के दौरान सामाजिक सौहार्द और सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
होली और अन्य आयोजनों को लेकर तैयारियों की जानकारी
बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों से होली और अन्य आयोजनों को लेकर तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग मजबूत करने और अफवाहों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ‘गैर’ और होली के जुलूसों को लेकर पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां पारंपरिक रूप से गैर निकलती है, वहां पूर्व निर्धारित रूट, पर्याप्त पुलिस बल, ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही शांति समिति की बैठकों के माध्यम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रमुख लोगों से समन्वय बनाए रखने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि त्योहार खुशी और उत्साह का प्रतीक है, लेकिन किसी भी असामाजिक तत्व को माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक के बाद पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए गए कि प्रदेशभर में फ्लैग मार्च, पेट्रोलिंग और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जाए, ताकि होली का पर्व शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो सके।
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