छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के जसमीत सोनू शर्मा ने प्रदेश के युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से “ना स्वागत, ना भाषण—सीधे आपके द्वार, प्रदेश के युवाओं से चाय पर चर्चा” अभियान की शुरुआत की है। अभियान के जरिए युवाओं के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं, सुझावों और प्रदेश के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सहज माहौल में बातचीत की जाएगी।
चाय की टपरी पर युवाओं से सीधा संवाद
अभियान की खासियत यह है कि इसमें किसी औपचारिक स्वागत या भाषण के बजाय युवाओं के साथ चाय की टपरी पर बैठकर सीधे संवाद किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं की जमीनी समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए व्यावहारिक सुझावों पर चर्चा करना है।
युवाओं की समस्याओं और समाधान पर होगी चर्चा
अभियान के दौरान युवाओं की वास्तविक समस्याओं को समझने के साथ उनके समाधान के संभावित उपायों पर बातचीत की जाएगी। युवाओं से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि वे प्रदेश के विकास और अपने भविष्य को लेकर क्या सोचते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी संवाद
चर्चा में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, सामने आ रही प्रमुख चुनौतियों और उनमें सुधार के संभावित उपायों को भी शामिल किया गया है। युवाओं से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उनके अनुभव और सुझाव लिए जाएंगे।
क्राइम कंट्रोल और सुरक्षित माहौल पर जोर
अपराध नियंत्रण भी अभियान का प्रमुख मुद्दा रहेगा। युवाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उपायों को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।
बेरोजगारी और रोजगार के अवसर अहम मुद्दा
प्रदेश में बेरोजगारी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों पर भी चर्चा होगी। नए रोजगार के साधन विकसित करने और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने को लेकर उनके सुझाव लिए जाएंगे।
जातिगत भेदभाव के खिलाफ सामाजिक समरसता पर चर्चा
अभियान के तहत जातिगत भेदभाव जैसे सामाजिक मुद्दे पर भी युवाओं से संवाद किया जाएगा। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में विचार साझा किए जाएंगे।
नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता पर मंथन
प्रदेश में बढ़ती नशाखोरी और उसके दुष्प्रभावों को लेकर भी युवाओं से चर्चा होगी। नशे के कारण युवाओं और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों से निपटने के लिए जागरूकता और रोकथाम के उपायों पर विचार किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार भी चर्चा का हिस्सा
शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और उसकी गुणवत्ता में सुधार के व्यावहारिक तरीकों पर भी युवाओं से सुझाव लिए जाएंगे। अभियान के माध्यम से शिक्षा को बेहतर बनाने से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
“युवाओं को सुनने के लिए है यह अभियान”
जसमीत सोनू शर्मा ने कहा, “यह अभियान भाषण देने के लिए नहीं, बल्कि युवाओं को सुनने के लिए है। प्रदेश के युवा क्या सोचते हैं, उनकी क्या समस्याएं हैं और छत्तीसगढ़ के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए उनके क्या सुझाव हैं—इन्हीं विषयों पर सीधे उनके बीच जाकर संवाद किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को केवल राजनीतिक मंच तक सीमित रखने के बजाय उसे नीति और समाधान की चर्चा का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
“आप से, आपका, आपके लिए” अभियान का संदेश
इस अभियान का मूल संदेश “आप से, आपका, आपके लिए” रखा गया है। इसके जरिए युवाओं के बीच जाकर उनकी बात सुनने और उनके मुद्दों को व्यापक चर्चा का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जाएगा।