दिव्यांगजन क्रिकेट महोत्सव ‘नॉट आउट@100’ का समापन समारोह उत्साह, गर्व और प्रेरणा के अद्भुत वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि साहस, आत्मविश्वास और अटूट संकल्प का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि 100 घंटे तक लगातार क्रिकेट खेलना केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मबल का प्रतीक है। इस अनूठे आयोजन का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। समारोह में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह सिद्ध कर दिया है कि सीमाएं शरीर में हो सकती हैं, हौसलों में नहीं।
साहस, संकल्प और आत्मविश्वास का उत्सव
हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि दिव्यांग क्रिकेट महोत्सव जैसे आयोजन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित मंच, सम्मान और अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे अपनी दिव्यांगता को नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा को पहचानें और उसे आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि जब 100 घंटे लगातार क्रिकेट खेलने की अवधारणा सामने आई थी, तब यह असंभव प्रतीत होता था, लेकिन खिलाड़ियों के अटूट संकल्प और आयोजकों की प्रतिबद्धता ने इसे संभव कर दिखाया।
राज्यपाल ने बढ़ाया उत्साह, प्रतिभाओं का किया सम्मान
समापन समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान प्रस्तुत करने वाली प्रतिभागी फाल्गुनी को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल, हेमंत खण्डेलवाल एवं आयोजन समिति के मुख्य संयोजक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा को इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रमाण-पत्र सौंपे।
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