पन्ना के जंगलों से इंसानी हिम्मत और मौत के बीच जंग की दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। तेंदूपत्ता तोड़ने गई एक महिला पर अचानक भालू ने जानलेवा हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनते ही ग्रामीण अपनी जान की परवाह किए बिना लाठी-डंडे लेकर खूंखार भालू से भिड़ गए और अद्भुत साहस दिखाते हुए महिला को उसके जबड़ों से जिंदा बाहर निकाल लाए। यह घटना अब पूरे इलाके में बहादुरी और जंगल के बढ़ते खतरे की बड़ी मिसाल बन गई है।
ग्रामीण बने ‘रक्षक’, भालू से भिड़कर दिखाई अदम्य बहादुरी
घटना के दौरान ग्रामीणों ने असाधारण साहस का परिचय दिया। कई लोग भालू के सामने डट गए और लगातार शोर मचाते हुए उसे पीछे हटाने की कोशिश करते रहे। ग्रामीणों की एकजुटता और बहादुरी के आगे आखिरकार भालू को पीछे हटना पड़ा और वह जंगल की ओर भाग निकला। इलाके में इस घटना की चर्चा तेज है और लोग ग्रामीणों की हिम्मत की सराहना कर रहे हैं।
घायल महिला अस्पताल में भर्ती, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल महिला को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद वन विभाग ने जंगल क्षेत्रों में जाने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि तेंदूपत्ता या अन्य वन उपज संग्रह के दौरान अकेले जंगल में न जाएं, समूह में रहें और सुरक्षा के लिए हाथ में लाठी अवश्य रखें। अधिकारियों ने कहा कि जंगल में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।