मुंबई - बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस लंबे समय से चली आ रही है। जब भी इस मुद्दे की चर्चा होती है, अभिनेत्री कंगना रनौत का नाम प्रमुखता से सामने आता है। अब अभिनेता अरशद वारसी ने भी नेपोटिज्म पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि नेपोटिज्म का मुद्दा कंगना रनौत ने सामने रखा था, जिसके बाद यह बॉलीवुड की बड़ी बहस बन गया।

करियर शुरू किया तो नेपोटिज्म नहीं था मुद्दा
अरशद वारसी हाल ही में ‘फिल्मीज्ञान’ के एक पॉडकास्ट में शामिल हुए, जहां उन्होंने इंडस्ट्री में नेपोटिज्म को लेकर खुलकर बात की। अरशद ने बताया कि जब उन्होंने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी, उस समय नेपोटिज्म को लेकर इस तरह की चर्चा नहीं होती थी। उनके मुताबिक, कंगना रनौत ने सबसे पहले इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और इसके बाद नेपोटिज्म को लेकर इंडस्ट्री में बड़ी बहस शुरू हो गई।

‘आखिर में टैलेंट ही तय करता है भविष्य’
अरशद वारसी ने कहा कि उन्हें इंडस्ट्री में नेपोटिज्म होने से खास फर्क नहीं पड़ता। उनका मानना है कि किसी कलाकार का लंबा करियर आखिरकार उसकी प्रतिभा पर निर्भर करता है। भले ही किसी स्टार किड के लिए शुरुआती मौके आसानी से मिल जाएं, लेकिन आगे बने रहने के लिए टैलेंट जरूरी है।

स्टार किड्स पर भी होता है दबाव
अरशद ने स्टार किड्स का पक्ष लेते हुए कहा कि लोगों को लगता है कि फिल्मी परिवार से आने वाले कलाकारों के लिए इंडस्ट्री में सब कुछ आसान होता है। हालांकि, उनके मुताबिक ऐसा पूरी तरह नहीं है। उन्होंने कहा कि स्टार किड्स पर दर्शकों की उम्मीदों का काफी दबाव रहता है। लोगों को लगता है कि किसी बड़े स्टार का बच्चा है तो उसमें भी बेहतरीन अभिनय की क्षमता होनी चाहिए। अरशद ने माना कि आज वह इस दबाव को अपने बच्चों के संदर्भ में भी महसूस करते हैं।

‘दरवाजे जल्दी खुलते हैं, तो जल्दी बंद भी हो सकते हैं’
अरशद वारसी के मुताबिक, स्टार किड होने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि फिल्म इंडस्ट्री में उनके लिए कुछ दरवाजे जल्दी खुल सकते हैं। लेकिन अगर कलाकार में प्रतिभा नहीं है, तो वही दरवाजे उतनी ही तेजी से बंद भी हो जाते हैं। उन्होंने यह भी माना कि फिल्मी परिवार से मिलने वाली शुरुआती पहचान करियर की गारंटी नहीं होती। आखिरकार दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाने के लिए कलाकार को अपने काम और प्रतिभा से खुद को साबित करना पड़ता है।
अरशद वारसी के दो बच्चे हैं—बेटा जीक वारसी और बेटी जीन जो वारसी। नेपोटिज्म पर उनका यह बयान एक बार फिर बॉलीवुड में स्टार किड्स को मिलने वाले मौकों और उनकी चुनौतियों को लेकर बहस को चर्चा में ले आया है।