कोलकाता: टॉलीवुड की सबसे बड़ी संस्थाओं में शामिल इम्पा (IMPA) में सत्ता संघर्ष अब खुलकर सामने आ गया है। 22 मई की विवादित बैठक के बाद 25 मई को रतन साहा को अस्थायी अध्यक्ष के रूप में सम्मानित किया गया, लेकिन मौजूदा निर्वाचित अध्यक्ष पिया सेनगुप्ता ने इस फैसले को मानने से साफ इनकार कर दिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है—क्या टॉलीवुड की संस्था में बड़ा बदलाव होने वाला है या मामला अदालत तक पहुंचेगा?
22 मई की बैठक में क्या हुआ?
22 मई को IMPA की बैठक में तनावपूर्ण माहौल बन गया। बैठक के दौरान ध्वनि मत के जरिए रतन साहा को अस्थायी अध्यक्ष चुनने का दावा किया गया। हालांकि, लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई अध्यक्ष पिया सेनगुप्ता ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे असंवैधानिक बताया। बैठक के दौरान विवाद इतना बढ़ा कि पिया सेनगुप्ता बीच में ही मीटिंग छोड़कर बाहर निकल गईं। उन्होंने यहां तक कहा था कि वह थाने जाकर शिकायत दर्ज कराएंगी। बाद में पुलिस की मौजूदगी में बैठक दोबारा शुरू हुई।
रतन साहा का IMPA कार्यालय में सम्मान
25 मई को IMPA कार्यालय में रतन साहा को अस्थायी अध्यक्ष पद पर सम्मानित किया गया। उन्हें बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कई निर्माता, निर्देशक और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग मौजूद रहे। इस दौरान निर्देशक और अभिनेता **गौतम घोष** भी रतन साहा के साथ नजर आए। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नारे लगाते हुए कहा-“यह जीत पूरे फिल्म इंडस्ट्री की जीत है। यह शुरुआत टॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के हित में है।”
पिया सेनगुप्ता ने उठाए सवाल
पत्रकारों से बातचीत में पिया सेनगुप्ता ने रतन साहा की नियुक्ति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा- “मुझे लोकतांत्रिक तरीके से हटाया जाए। ये लोग पुलिस की भी नहीं सुन रहे। अपनी मर्जी से कमेटी बनाकर बैठ जाएंगे।” उन्होंने ध्वनि मत की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामला फिलहाल न्यायालय में है और वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगी। पिया ने कहा- “क्या आपने कभी ध्वनि मत जैसी कोई चीज देखी है? हम कानून के रास्ते पर हैं। अदालत में फैसला होगा, फिर जो होगा देखा जाएगा।”
चुनाव को लेकर नया विवाद
IMPA के कई सदस्यों का कहना है कि 2025 में चुनाव पहले ही हो चुका है और अगला चुनाव सितंबर 2027 में होना तय है। ऐसे में बीच कार्यकाल में अस्थायी अध्यक्ष चुने जाने पर कई सदस्य सवाल उठा रहे हैं। कई सदस्यों ने साफ कहा कि यदि बदलाव करना है तो लोकतांत्रिक तरीके से मतदान कराया जाए।
भाजपा नेताओं को भेजा गया था निमंत्रण?
पिया सेनगुप्ता ने बताया कि टॉलीगंज की विधायक पापिया अधिकारी और भाजपा नेता-अभिनेता रुद्रनील घोष को बैठक में बुलाने के लिए मेल किया गया था। उनके मुताबिक, पापिया अधिकारी ने आने की सहमति जताई थी, जबकि रुद्रनील घोष ने 9 तारीख के बाद बैठक रखने की सलाह दी थी। हालांकि, व्यस्तता के कारण दोनों शामिल नहीं हो सके।
गैर-सदस्यों की मौजूदगी पर भी विवाद
पिया सेनगुप्ता ने आरोप लगाया कि बैठक में कई गैर-सदस्य मौजूद थे, जिन्हें वह बैठक में नहीं रखना चाहती थीं। उनका दावा है कि कुछ निर्माता और निर्देशक बाहरी लोगों को साथ लेकर आए थे उनके मुताबिक, इसी मुद्दे पर माहौल बिगड़ा और कुछ लोग उनके प्रति आक्रामक रवैया अपनाने लगे, जिसके बाद उन्हें बैठक छोड़नी पड़ी।
आगे क्या?
रतन साहा के सम्मान समारोह के बाद IMPA की राजनीति और गर्मा गई है। एक तरफ रतन समर्थक इसे फिल्म इंडस्ट्री के हित में बदलाव बता रहे हैं, वहीं पिया सेनगुप्ता कानूनी लड़ाई की बात कर रही हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या यह विवाद अदालत तक जाएगा या फिर IMPA के भीतर लोकतांत्रिक तरीके से कोई समाधान निकलेगा।