मौसम बदलने के साथ ही सीजनल फ्लू के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। फ्लू होने पर बुखार, सर्दी, खांसी, गले में दर्द, शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हैं। कई लोग इसे सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन सही समय पर देखभाल और संतुलित खानपान से फ्लू से जल्दी रिकवरी संभव है। विशेषज्ञों के अनुसार दवाओं के साथ पौष्टिक आहार, पर्याप्त पानी और आराम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
शरीर को रखें हाइड्रेट
सीजनल फ्लू के दौरान शरीर में पानी की कमी होने का खतरा रहता है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, ओआरएस, गर्म सूप और हर्बल ड्रिंक जैसे अदरक-तुलसी की चाय भी शरीर को हाइड्रेट रखने और कमजोरी कम करने में मदद करते हैं।
हल्का और पौष्टिक भोजन करें
फ्लू के दौरान तला-भुना और अधिक मसालेदार भोजन पचाने में कठिन हो सकता है। ऐसे में खिचड़ी, दलिया, मूंग दाल, उबली सब्जियां, सादी रोटी और हल्का भोजन बेहतर विकल्प हैं। इससे शरीर को ऊर्जा भी मिलती है और पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
विटामिन-C से भरपूर फल खाएं
संतरा, मौसमी, अमरूद, कीवी, पपीता और अन्य मौसमी फल शरीर को विटामिन-C प्रदान करते हैं, जो इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करता है। इसके साथ ही पालक, गाजर, टमाटर और शिमला मिर्च जैसी हरी और रंगीन सब्जियां भी शरीर को जरूरी पोषक तत्व देती हैं।
गर्म सूप और हर्बल ड्रिंक से मिलेगी राहत
यदि गले में दर्द, खराश या नाक बंद होने की समस्या है तो गर्म सब्जियों का सूप काफी राहत पहुंचा सकता है। अदरक, तुलसी और काली मिर्च से बना हल्का काढ़ा भी फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसका सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए।
प्रोटीन युक्त भोजन भी है जरूरी
बीमारी के दौरान शरीर को तेजी से रिकवर करने के लिए प्रोटीन की जरूरत बढ़ जाती है। दाल, पनीर, दूध, दही, अंडा और सोया जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शरीर को ताकत देने और जल्दी स्वस्थ होने में मदद करते हैं।
इन चीजों से करें परहेज
सीजनल फ्लू के दौरान कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, जंक फूड, अधिक मीठे खाद्य पदार्थ और तला-भुना भोजन खाने से बचना चाहिए। ये शरीर की रिकवरी को धीमा कर सकते हैं। पर्याप्त नींद लेना, आराम करना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेना भी उतना ही जरूरी है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि तेज बुखार कई दिनों तक बना रहे, सांस लेने में तकलीफ हो, लगातार कमजोरी महसूस हो, ऑक्सीजन स्तर कम होने लगे या हालत बिगड़ती नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज गंभीर जटिलताओं से बचाने में मदद करता है।