पन्ना जिले के अजयगढ़ में हुए दर्दनाक कुआं हादसे की गूंज अब पुलिस कार्रवाई और जवाबदेही की मांग तक पहुंच गई है। कुआं खुदाई के दौरान 5 मजदूरों की मौत के मामले में जहां सरपंच, सरपंच पति और ठेकेदार पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ है, वहीं अब जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि निगरानी और तकनीकी निरीक्षण में हुई कथित लापरवाही ने पांच परिवारों के चिराग बुझा दिए। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि शासकीय कार्यों में जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है।
सरपंच, ठेकेदार पर केस दर्ज, परिजनों ने बताई लापरवाही
जानकारी के अनुसार बीहरपुरवा के नयापुरवा में खेत पर पिछले कई दिनों से कुएं की खुदाई का काम चल रहा था। खुदाई के दौरान अचानक भुसभुसी मिट्टी धंस गई, जिससे पांच मजदूर मिट्टी में दब गए और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद राहत-बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन मजदूरों को बचाया नहीं जा सका। पीड़ित परिजनों ने दर्ज कराई गई FIR में आरोप लगाया है कि कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों और निगरानी में गंभीर लापरवाही बरती गई। इसी आधार पर सरपंच, सरपंच पति और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
जनपद अधिकारियों की जवाबदेही पर उठे सवाल
परिजनों ने अपने कथन में यह भी कहा है कि अजयगढ़ जनपद पंचायत के सीईओ सतीश सिंह और सब इंजीनियर आशीष विश्वकर्मा द्वारा मौके का निरीक्षण नहीं किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह शासकीय प्रक्रिया से जुड़ा मामला था, इसलिए जिम्मेदारी केवल ठेकेदार या स्थानीय प्रतिनिधियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। लोगों का आरोप है कि कमजोर निगरानी, कथित गलत साइट लोकेशन और तकनीकी निरीक्षण की कमी के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। अब क्षेत्र में यह मांग तेज हो रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जनपद स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी तय की जाए। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।