मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। लो प्रेशर सिस्टम के कमजोर होने और आगे बढ़ जाने के कारण शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां काफी कम रहीं। कई जिलों में मौसम शुष्क बना रहा, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई।
14 जुलाई तक बारिश की गतिविधियां रहेंगी कमजोर
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 14 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना नहीं है। पश्चिमी मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रह सकता है, जबकि उत्तर प्रदेश की ओर खिसकी मानसूनी द्रोणिका के प्रभाव से पूर्वी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। नया मौसम तंत्र बनने के बाद ही प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है।
सीधी और सतना में दर्ज हुई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान सीधी जिले में 13 मिमी और सतना में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं ग्वालियर सहित कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी हुई। श्योपुर, मुरैना और भिंड समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें देखने को मिलीं।
तापमान बढ़ने से बढ़ेगी गर्मी और उमस
बारिश में कमी का असर अब तापमान पर भी दिखाई देने लगा है। प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में करीब 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
भोपाल समेत प्रमुख शहरों का तापमान
शुक्रवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री सेल्सियस, इंदौर 31.4 डिग्री, जबलपुर 32.0 डिग्री और ग्वालियर 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में दिनभर बादलों और धूप का दौर चलता रहा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी आंशिक बादल छाए रहेंगे और शाम या रात के समय शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।