मध्यप्रदेश में पिछले 3 दिनों से बारिश की गतिविधियों में कमी देखने को मिली है। कई जिलों में हल्की से मध्यम और छिटपुट बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में तेज धूप निकलने से लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। अब मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने एक बार फिर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत दिए हैं।
शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बादल सक्रिय रहने और बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के कारण जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले लोगों को भी आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
सभी 55 जिलों में येलो अलर्ट
भारी बारिश की चेतावनी वाले 12 जिलों के अलावा मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम अचानक खराब हो सकता है और स्थानीय स्तर पर बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों के साथ वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।
12 सितंबर को इन संभागों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 12 सितंबर को भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। लगातार बदल रहे मौसम को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और जरूरी होने पर ही खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
तेज धूप के बाद बारिश से मिलेगी राहत
पिछले कुछ दिनों में बारिश कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश के कई जिलों में तेज धूप देखने को मिली थी। बारिश रुकने से तापमान और उमस में बढ़ोतरी महसूस की गई। अब दोबारा बारिश का दौर सक्रिय होने से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, बारिश अपने साथ कई तरह की परेशानियां भी ला सकती है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं के साथ पेड़ या बिजली के खंभे गिरने का खतरा भी बना रह सकता है।
गरज-चमक में इन बातों का रखें ध्यान
गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली की आशंका के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित विकल्प है। खेतों में काम करने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाने की सलाह दी गई है।
तेज आंधी या बारिश के दौरान वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने और स्टीयरिंग पर मजबूत पकड़ बनाए रखने की जरूरत है। खराब मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है।