कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में हुई ‘विजय शंखनाद रैली’ के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि खड़गे के संबोधन के बाद भाजपा से जुड़े लोगों ने वहां हवन किया और मंच का शुद्धिकरण किया।
कमलनाथ ने इस कथित घटना को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला और कहा कि यह केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। उन्होंने मामले में दोषी व्यक्तियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
खड़गे की रैली के बाद गरमाई सियासत
8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘विजय शंखनाद रैली’ को संबोधित किया था। रैली के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए हैं।
कमलनाथ बोले- खड़गे ही नहीं, पूरे दलित समाज का अपमान
पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड्गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया था। उनके भाषण के बाद BJP के लोगों ने वहाँ हवन किया और उस स्टेज का शुद्धिकरण करने का काम किया।
यह ना सिर्फ़ खड्गे का अपमान है बल्कि देश के सम्पूर्ण दलित समाज का अपमान है। महात्मा गांधी और बाबा साहेब अंबेडकर ने देश की आज़ादी के साथ ही अस्पृश्यता से मुक्ति की लड़ाई भी लड़ी थी। उसी का परिणाम है कि भारत में अस्पृश्यता अपराध घोषित की गई।भारत के संविधान में हर नागरिक को बराबर का हक दिया गया।
दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
देश की जनता बीजेपी का दलित विरोधी चेहरा देख ले। भाजपा को यह बर्दाश्त नहीं है कि दलित समाज का व्यक्ति कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।मैं इस तरह के कृत्य की निंदा करता हूँ। इस मामले में दोषी सभी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाए।