श्योपुर में लावारिस मिली एक मासूम बच्ची के मामले में पुलिस ने मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। जन्म के कुछ ही दिनों बाद बच्ची को करीब एक लाख रुपये में बेच दिया गया था। मामले में पुलिस ने चार महिलाओं समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और पूरे गिरोह की जांच जारी है। श्योपुर में 18 अप्रैल को एमएच-552 हाईवे पर करीब 2 साल की बच्ची को लावारिस छोड़ने की घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया है।
हाईवे पर मिली थी बच्ची
पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल ने बताया कि 18 अप्रैल 2026 की सुबह डायल-112 पर सूचना मिली थी कि मानपुर थाना क्षेत्र के सोइखुर्द के पास एक अज्ञात व्यक्ति बच्ची को छोड़कर चला गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर भेजा गया। साथ ही बाल कल्याण समिति को भी सूचित किया गया।
जांच में सामने आया तस्करी का नेटवर्क
इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक कार की पहचान की, जो भोपाल निवासी आकाश मूंदड़ा के नाम पर पंजीकृत थी। इसके बाद पुलिस टीम भोपाल पहुंची और आकाश मूंदड़ा व उसकी पत्नी कृतिका से पूछताछ की।
शुरुआत में दोनों ने बच्ची को गोद लेने की बात कही, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर सच्चाई सामने आई। उन्होंने बताया कि बच्ची को इंदौर में एक पार्लर संचालिका और उसकी सहयोगियों से करीब एक लाख रुपये में खरीदा गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में मानव तस्करी और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं।
इंदौर से जुड़ी मिली मुख्य कड़ी
एसपी के निर्देश पर विशेष टीमों को इंदौर भेजा गया, जहां से अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें महालक्ष्मी नगर की पार्लर संचालिका नीता जैन, उसका पति वैभव जैन, राजगढ़ के आकाश मूंदड़ा और उसकी पत्नी कृतिका मूंदड़ा, साथ ही धार और खरगौन की दो महिलाएं शामिल हैं।
जांच में खुलासा हुआ कि बच्ची का सौदा 21 नवंबर 2024 को किया गया था, जब वह मात्र 6 दिन की थी। पहले धार जिले की एक क्लीनिक संचालिका ने इसे खरगौन की महिला से लिया, फिर इंदौर में नीता जैन के जरिए इसे आगे बेच दिया गया। इस तरह मासूम कई हाथों से गुजरती रही।
पार्लर की आड़ में चल रहा था नेटवर्क
पुलिस जांच में इंदौर के महालक्ष्मी नगर को इस पूरे नेटवर्क की मुख्य कड़ी पाया गया है, जहां ब्यूटी पार्लर की आड़ में यह अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था। यहीं से सप्लायर और खरीदार आपस में जुड़े थे।फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया है और मामले की गहराई से जांच जारी है।