मध्यप्रदेश सरकार ने बेटियों की तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि शैक्षणिक सत्र 2026 से प्रदेश के सभी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रवेश लेने वाली महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय बेटियों को आत्मनिर्भर, रोजगारोन्मुख और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और कौशल विकास के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
प्रथम वर्ष के शुल्क में होगी ₹1,335 की बचत
मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रथम वर्ष के प्रशिक्षण शुल्क में सीधे 1,335 रुपये की राहत मिलेगी।
अब प्रथम वर्ष का कुल प्रशिक्षण शुल्क 6,090 रुपये के बजाय 4,755 रुपये होगा। यह लाभ शैक्षणिक सत्र 2026 से प्रवेश लेने वाली सभी छात्राओं को प्रदेश के सभी शासकीय आईटीआई संस्थानों में मिलेगा।
बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक बेटियों को तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में सरकार किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
आईटीआई में पहले से 35% सीटें आरक्षित
प्रदेश सरकार पहले ही शासकीय आईटीआई संस्थानों में छात्राओं के लिए 35 प्रतिशत सीटें आरक्षित कर चुकी है। अब प्रशिक्षण शुल्क में 25 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलने से अधिक संख्या में बालिकाओं के तकनीकी शिक्षा से जुड़ने और कौशल विकास कार्यक्रमों का लाभ उठाने की उम्मीद है।