भोपाल/उज्जैन। आने वाले समय में मध्यप्रदेश की सूरत ही बदल जाएगी। व्यापार-व्यवसाए-निवेश-टूरिज्म, सबमें प्रदेश आगे निकलता दिखाई देगा। लोगों को तो सुविधा मिलेगी ही, हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 जुलाई को उज्जैन जिले के नागदा में 'उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड मार्ग' का भूमि-पूजन किया। उनके साथ कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत भी थे। इस मार्ग की लागत 5017 करोड़ रुपये है और यह 98.73 किमी लंबा मार्ग है। भूमि-पूजन कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कई अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने और राज्यपाल डॉ. गहलोत ने नागदा में सेंट्रल स्कूल का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा पर केंद्रित उज्जैन जिला प्रशासन की जनसेवा प्रहरी नेटवर्क की शुरुआत भी की गई। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हेलमेट भी वितरित किए। इस दौरान किसान उत्पादक कंपनियों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया गया और आजीविका मिशन, संबल योजना के हितग्राहियों को हित लाभ का वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागदा में किया 'उज्जैन-जावरा 4-लेन ग्रीनफील्ड मार्ग' का भूमि-पूजन
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम अद्भुत और आनंददायी है। एक साथ दो बड़ी सौगातें 5017 करोड़ के मार्ग और सेंट्रल स्कूल की मिल रही हैं। यह नया मार्ग बनने के बाद इस पूरे क्षेत्र का नया इतिहास बनेगा। विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा। नागदा और इसके आसपास अब कई काम होने वाले हैं। मालवा में जो होता है, वो थोड़ा अलग ही होता है। यहां के लोग उद्यमशील हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में जिस बात की आवश्यकता थी वह नहीं हुआ। 55 साल में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। उनका तो विकास का मॉडल ही गड़बड़ था। भारत की आजादी के साथ और बाद में कई देश आजाद हुए। उसके बाद वो देश खड़े भी हो गए। लेकिन, यहां के सत्ताधीशों के मन में सिवाय राज करने के और कुछ नहीं था। दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ता है कि अंग्रेज और कांग्रेस एक जैसे निकले।
सनातन संस्कृति के सूर्य से दुनिया चमत्कृत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आगे बढ़ रहा है। विश्व का सबसे बड़ा पुल कहीं बना है तो कश्मीर में चेनाब नदी के ऊपर बना है। यह वर्षों पहले भी बन सकता था, लेकिन बनाने की इच्छाशक्ति नहीं थी। क्योंकि, कांग्रेस फूट डालो और शासन करो की नीति पर चलती है। जैसी उनकी भावना है, वैसी ही देश में उनकी हालत हुई है। आज भारत के नक्शे पर 17-17 राज्यों में भाजपा की सरकार है। 22 से ज्यादा एनडीए की सरकारें हैं। 80 फीसदी से ज्यादा भूभाग और 76 फीसदी से ज्यादा आबादी एनडीए सरकारों के पास है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि यह सड़क हमारे लिए सोने पर सुहागा जैसी है। वर्ष 2028 में सिंहस्थ होने वाला है। उस दौरान जब श्रद्धालु आएंगे, उस वक्त उन्हें सुविधा मिलेगी। हम न केवल उज्जैन बल्कि आसपास के राज्यों से भी तालमेल कर रहे हैं। प्रयागराज कुंभ के समय हमने भी यात्रियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के माध्यम से सनातन संस्कृति का सूर्य अलौकिक रूप दिखा रहा है उससे दुनिया चमत्कृत है। महाकाल लोक के बाद प्रदेश एक अलग दौर में पहुंच गया। पहले सालभर में 60 से 70 लाख लोग रोज उज्जैन आते थे, लेकिन आज साढ़े आठ करोड़ से ज्यादा लोग केवल उज्जैन में आ रहे हैं।
प्रदेश में जमकर हो रहा विदेशी निवेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार के गठन के बाद एक महानगर की कल्पना की गई। इस कल्पना में अकेले इंदौर और उज्जैन नहीं हैं, बल्कि धार, देवास, शाजापुर, रतलाम भी शामिल हैं। विकास के लिए बड़ी दृष्टि चाहिए। इसी तरह भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाई जाएगी। इसमें रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम का हिस्सा, विदिशा और आष्टा तक का हिस्सा शामिल किया जाएगा। भविष्य में ग्वालियर और जबलपुर भी मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का समय बड़ी तेजी से बदल रहा है। आज मध्यप्रदेश सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला राज्य है। यहां कोई क्षेत्र नहीं छूटा, जहां विकास न किया जा रहा हो। मालवा में ही अगर पीथमपुर और विक्रम उद्योगपुरी को मिला लें तो यहां के विश्व के कई बड़े देशों ने निवेश किया है। उन्होंने कहा कि केवल यहां ही नहीं, बल्कि शिवपुरी, गुना में भी निवेश हो रहा है। दुनिया में सबसे ज्यादा सीमेंट प्लांट प्रदेश में लग रहे हैं। गरीब-युवा-महिला-किसान के कल्याण के लिए सरकार संकल्प के साथ चल रही है। उन्होंने कहा कि हमने औद्योगिकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिशन ज्ञान से जोड़ दिया है। हमारे पास 30 लाख करोड़ से निवेश प्रस्ताव आए, जिसमें से 10 लाख करोड़ के निवेश धरातल पर उतरे।
हम जो कहते हैं, वो करते हैं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से कहा कि यहां 15 करोड़ का नया मटर प्लांट लगाया जा रहा है। आप फसल लगाइए, आपको उसके उचित दाम मिलेंगे। हम खेत से कारखाने और बाजार को जोड़कर किसानों की आय बढ़ा रहे हैं। अभी 1250 करोड़ की लागत से बनने वाले पेप्सिको प्लांट लगा रहा है। आप सभी भी आलू की खेती लगाना, आपको उसके उचित दाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश 1956 में बना, लेकिन साल 2002-03 तक सरकार का बजट केवल 20 हजार करोड़ रहता था। पीडब्ल्यूडी की बजट महज 800 करोड़ हुआ करता था, जबकि आज हम 5 हजार करोड़ की सड़क बना रहे हैं। आज हमारा 2026 का बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ का है। हमने जनता पर टैक्स नहीं बढ़ाया। लाड़ली बहना योजना एक हजार रुपये से शुरू हुई और आज 1500 रुपये तक पहुंच गई। 60 हजार करोड़ की राशि बहनों के खातों में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि हम जो कहते हैं, वो करते हैं। सच्चा वादा-पक्का काम, प्रेम से बोलो जय श्री राम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि जो घोषणा हमने की है, उसका भूमि-पूजन भी हम ही करते हैं। भूमि-पूजन करने के बाद लोकार्पण भी हम ही करेंगे। अगले साल तक यह सड़क भी बन जाएगी।
35 लाख आबादी और 62 गांवों को सीधे तौर पर लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-पीथमपुर ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी क्षेत्र की दिशा बदल जाएगी। इस कॉरिडोर से किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को लाभ मिलेगा। मालवा को नई-नई सड़क परियोजनाओं की सौगात मिल रही है। सिंहस्थ में 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसे देखते हुए आवागमन की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उज्जैन में शिप्रा के करीब 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण किया जा रहा है। आगामी वर्षों में मेट्रो ट्रेन इंदौर से उज्जैन भी आएगी। नई रेलवे लाइनों से नागदा दो रूट से दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग से जुड़ेगा। उज्जैन संभाग देश का मध्य है, बहुत जल्द नए एयरपोर्ट की सौगात भी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्रीन फील्ड फोरलेन मार्ग से उज्जैन को दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा और तेज संपर्क मिलेगा। यह परियोजना उज्जैन दक्षिण, घट्टिया, नागदा-खाचरौद, आलोट एवं जावरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इसे लगभग 35 लाख आबादी और 62 गांवों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत 98.73 किलोमीटर ग्रीनफील्ड फोरलेन मार्ग, 3 रेल ओवरब्रिज, 9 वृहद पुल, 26 मध्यम पुल तथा 417 पुलियों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और कृषि विकास को नई गति प्रदान करेगी।
नए सेंट्रल स्कूल में एडमिशन 30 जुलाई से
कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत ने कहा कि उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड कॉरिडोर आगामी सिंहस्थ 2028 से पहले बनकर पूर्ण होगी। आज उज्जैन जिला प्रशासन द्वारा जनसेवा प्रहरी की शुरुआत की गई है। यह एक सराहनीय पहल है। नागदा में खुले नए केंद्रीय विद्यालय में 30 जुलाई से कक्षाएं प्रारंभ हो जाएंगी। इसमें केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य लोग भी अपने बच्चों को प्रवेश दिलवा सकते हैं।
सीएम ने कीं ये घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर पुराने जावरा-उज्जैन मार्ग के चौड़ीकरण के लिए सहमति प्रदान की। उन्होंने कहा कि रतलाम-खाचरौद रोड को नागदा से कनेक्ट करने पर विचार किया जाएगा। नई मटर मंडी के लिए जमीन दी जाएगी और फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएगी। चंबल नदी पर निनावट खेड़ा में डैम बनाया जाएगा। नागदा में नया आटीआई इंस्टीट्यूट खोला जाएगा