भोपाल। दक्षिण-पश्चिम मानसून भले ही पूरे देश में सक्रिय हो चुका हो, लेकिन मध्यप्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मानसून द्रोणिका (ट्रफ लाइन) के उत्तरप्रदेश की ओर खिसकने के कारण शुक्रवार से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा में कमी आएगी। इस दौरान लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
पन्ना और सतना के लिए येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए केवल पन्ना और सतना जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। भारी बारिश की संभावना फिलहाल कम है।
तापमान में होगी बढ़ोतरी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर शिफ्ट होने से अगले तीन दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इससे उमस बढ़ेगी और लोगों को गर्मी का अधिक अहसास होगा।
सामान्य से एक दिन देरी से पूरे देश में पहुंचा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक, सामान्य तौर पर मानसून 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है, लेकिन इस वर्ष यह 9 जुलाई को पूरे भारत में सक्रिय हुआ। हालांकि वर्ष 2025 की तुलना में इस बार मानसून की प्रगति तेज रही, क्योंकि पिछले वर्ष इसे पूरे देश में पहुंचने में जुलाई के अंतिम सप्ताह तक का समय लगा था।
कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज
गुरुवार को ट्रफ लाइन के खिसकने का असर प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दिया। पश्चिमी मध्यप्रदेश के बैतूल में 1.0 मिमी, ग्वालियर में 9.0 मिमी और नर्मदापुरम में 0.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं पूर्वी हिस्से में मंडला में 20.0 मिमी, टीकमगढ़ में 15.0 मिमी और मलाजखंड में 12.0 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। जबलपुर, सागर और सतना सहित कई जिलों में केवल हल्की बौछारें दर्ज की गईं।
अगले 24 घंटे में बड़े बदलाव की संभावना नहीं
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, जबकि भारी वर्षा के लिए लोगों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।