हाथों में तलवार-त्रिशूल और डमरू लिए संन्यासी। पूरे शरीर पर भभूत। घोड़े और रथ की सवारी। हर-हर महादेव का उद्घोष। यह सीन है संगम के घाटों का, जहां महाकुंभ का पहला अमृत (शाही) स्नान मंगलवार सुबह 6.15 बजे से शुरू हुआ।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दोपहर 3 बजे तक 2.5 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। हालात संभालने के लिए आर्मी को भी स्टैंड बाई पर रखा गया है।
हाथों में तलवार-त्रिशूल और डमरू लिए संन्यासी। पूरे शरीर पर भभूत। घोड़े और रथ की सवारी। हर-हर महादेव का उद्घोष। यह सीन है संगम के घाटों का, जहां महाकुंभ का पहला अमृत (शाही) स्नान मंगलवार सुबह 6.15 बजे से शुरू हुआ।
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