पीएम मोदी 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। वहीं विपक्षी पार्टियों की मांग है कि, नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति को करना चाहिए। अब इस विवाद पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि, कोई भी इसका राजनीतिकरण न करें, नई संसद लोकतंत्र का प्रतीक है और सभी भारतीयों की आकांक्षा है। राजनीतिक विरोध के अनेक अवसर आते जाते रहेगें।
विपक्ष अपने फैसले पर फिर से विचार करें
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, नई संसद के उद्घाटन का बहिष्कार करने का फैसला करने वाली सभी पार्टियों से मेरी अपील है कि, वे अपने फैसले पर फिर से विचार करें। 28 मई को पीएम मोदी नए संसद भवन को राष्ट्र को समर्पित कर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में नया अध्याय जोड़ने जा रहे हैं।राजनीतिक विरोध के अनेक अवसर आते जाते रहेगें
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि, राजनीतिक विरोध के अनेक अवसर आते जाते रहेगें। मैं यही आग्रह करूंगा कि, जिन दलों ने समारोह के बहिष्कार का निर्णय लिया है वे अपने फैसले पर राजनीतिक लाभ हानि से परे जाकर अपने फैसले पर पुनर्विचार करें और इस समारोह में भाग लेकर ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें।ऐसा अवसर अब 21वीं सदी में दोबारा नहीं आने वाला है
वहीं उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा कि, संसद भवन का उदघाटन एक ऐतिहासिक अवसर है जो अब 21वीं सदी में दोबारा नही आने वाला है। इस शुभ अवसर पर संसद या राष्ट्रपति को विवाद में लाने से किसी को भी बचना चाहिए। तकनीकी दृष्टि से यह संसद का कोई सत्र नही बुलाया गया है। यह तो संसद भवन के उदघाटन का समारोह है। अतः, हमें ‘संवैधानिक सत्र’ और ‘सार्वजनिक समारोह’ का अंतर समझना चाहिए।Read More: पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की तबीयत बिगड़ी, LNJP अस्पताल के ICU में किया गया भर्ती
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