हर वर्ष मॉनसून का स्वागत केरल ही करता है। इस बार ही उसे ही करना था, उसने किया भी, लेकिन दो दिन पहले। आम तौर पर, मॉनसून 1 जून को केरल में दस्तक देता है और 5 जून तक पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में पहुंच जाता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस बार भी केरल में मॉनसून की पहली फुहारें आने का अनुमान भी 1 जून को ही आने का लगाया था, लेकिन बारिश हो गई 28 मई को ही। चूंकि गर्मी ने इस बार 11 साल का रेकॉर्ड तोड़ दिया है, इसलिए पूरे देश को मॉनसून का बेसब्री से इंतजार है।
केरल में इस बार दो दिन पहले पहुंचा मॉनसून अलग-अलग इलाकों से होकर आखिर में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंचेगा।