गया: बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले सियासी हलचल तेज है। जहां कांग्रेस (Bihar Floor Test) ने अपने विधायकों को हैदराबाद भेज दिया है। वहीं, दूसरी ओर भाजपा (BJP) भी सतर्क हो गई है। बिहार के बोधगया के महाबोधी होटल में भाजपा विधायक व विधान पार्षद के प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन सभी को सभी को किला बंद कर दिया गया है।
बंद कमरे में किया गया नजरबंद
विधायकों को किसी से भी मिलने की अनुमति नहीं दी गई है। बंद कमरे में नजर बंद किया गया है। कार्यक्रम स्थल पर प्रदेश जिला के पदाधिकारी का भी प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। साथ ही प्रशिक्षण स्थल के प्रवेश द्वार से मीडिया कर्मियों को भी अंदर जाने की मनाही कर दी गई है। गौरतलब है कि पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और राजद के तमाम नेताओं द्वारा पिछले कई दिनों से यह कहा जा रहा है कि बिहार में 'खेला' होगा। इसके बाद, भाजपा की तरफ से यह कदम उठाया जा रहा है।
शाहनवाज हुसैन भी गया में मौजूद
ऐसे में बंद कमरे में कौन सी पाठ पढ़ाई जा रही है यह कहना (Bihar Floor Test) अभी मुश्किल है। हालांकि, अब भाजपा के विधायक और विधान पार्षदों का प्रशिक्षण समाप्त हो गया है। विधायक एवं विधान पार्षदों की निजी गाड़ी पटना के लिए प्रस्थान कर रही है। सभी विधायक और विधान पार्षदों को सुरक्षित बस से पटना ले जाने की तैयारी चल रही है।विश्वास सूत्र बताते हैं बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhari) प्रशिक्षण के प्रथम दिन ही देर शाम पटना के लिए रवाना हो गए हैं।
'जनादेश पहले एनडीए के साथ था, जो...'
सूत्र अभी बताते हैं कि प्रशिक्षण के दूसरे दिन बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा (Vijay Sinha) राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन आदि मौजूद हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान विजय सिन्हा ने कहा कि बीते दिनों जो लोग (राजद) सरकार में आए थे, वह सत्ता में अराजकता और भ्रष्टाचार फैलाने का काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह (आरजेडी) बहाली और नियुक्ति के नाम पर वसूली करने का काम कर रहे थे। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने उन्हें बाहर कर दिया। जनादेश पहले एनडीए के साथ था, जो फिर कायम हो गया है।
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