विविध धर्मों, आस्थाओं और संस्कृतियों के देश भारत में हर दिन कोई न कोई त्योहार मनाया जाता है। हर धर्म में त्योहार मनाने की परंपरा है, लेकिन कुछ त्योहार ऐसे भी हैं, जो प्रत्येक देशवासी के लिए महत्वपूर्ण हैं और पूरे देश में सम्मान और स्नेह के साथ मनाए जाते हैं।
26 जनवरी भी एक ऐसा ही दिन है, जो देश का राष्ट्रीय पर्व है। देश का हर नागरिक चाहे वह किसी धर्म, जाति या संप्रदाय से ताल्लुक रखता हो, इस दिन को राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत होकर मनाता है। इतिहास की बात करें तो इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ। भारत को 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी तो मिल गई थी, लेकिन 26 जनवरी 1950 को भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित हुआ।इस दिन राजधानी में कर्तव्य पथ पर होने वाले मुख्य आयोजन में भारत की सांस्कृतिक झलक के साथ ही सैन्य शक्ति और परंपरागत विरासत की झांकी पेश की जाती है। देश दुनिया के इतिहास में 26 जनवरी , 1930 को ब्रिटिश शासन के अंतर्गत भारत में पहली बार स्वराज दिवस मनाया गया।
वहीं, 1931 , 26 जनवरी के दिन ही ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ के दौरान ब्रिटिश सरकार से बातचीत के लिए महात्मा गांधी को रिहा किया गया। इसी दिन साल 2008 में गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने परेड की सलामी ली। इसके अलावा इसी दिन एन.आर. नारायणमूर्ति को फ्रांस सरकार के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑवर’ से सम्मानित किया गया।
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