भारत तेजी से डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और अब स्वास्थ्य क्षेत्र भी इसी परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला आरोग्य सेतु अब एक नए स्वरूप में सामने आ रहा है। केंद्र सरकार 29 जून को ‘आरोग्य सेतु 2.0’ का शुभारंभ करेगी, जिसके माध्यम से नागरिकों को एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है, ताकि देश के प्रत्येक नागरिक को कहीं भी और कभी भी अपने स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक दस्तावेज एवं सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन को नई गति प्रदान करेगी।
अब केवल कोविड ऐप नहीं, बनेगा संपूर्ण डिजिटल स्वास्थ्य मंच
आरोग्य सेतु का नया संस्करण केवल महामारी निगरानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक व्यापक व्यक्तिगत डिजिटल स्वास्थ्य मंच के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से नागरिक अपना व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रख सकेंगे, आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकों के साथ साझा कर सकेंगे और विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं तक एकीकृत पहुंच प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य संबंधी बिखरी हुई सूचनाओं को एक डिजिटल मंच पर उपलब्ध कराना है, जिससे उपचार की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन सके। डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से मरीजों को बार-बार जांच रिपोर्ट और पुराने दस्तावेज साथ रखने की आवश्यकता भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
ABHA स्वास्थ्य पहचान और डिजिटल रिकॉर्ड से मिलेगा बेहतर उपचार
आरोग्य सेतु 2.0 के माध्यम से नागरिक आसानी से अपनी एबीएचए स्वास्थ्य पहचान संख्या बना सकेंगे, जो राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली का महत्वपूर्ण आधार है। इसके जरिए प्रत्येक व्यक्ति का डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार किया जा सकेगा, जिसमें जांच रिपोर्ट, चिकित्सकीय इतिहास, दवा संबंधी विवरण और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य अभिलेख सुरक्षित रखे जाएंगे। मरीज अपनी अनुमति के अनुसार इन अभिलेखों को किसी भी अस्पताल अथवा चिकित्सक के साथ साझा कर सकेंगे, जिससे उपचार में तेजी आएगी और अनावश्यक दोहराव वाली जांचों से भी बचा जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेख भविष्य में गुणवत्तापूर्ण और समन्वित चिकित्सा सेवाओं की आधारशिला बन सकते हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुविधाओं से स्वास्थ्य प्रबंधन होगा अधिक आसान
नए मंच में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनेक सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से नागरिकों को उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट के आधार पर प्रारंभिक सुझाव प्राप्त हो सकेंगे, दवा लेने का समय याद दिलाने वाले स्वचालित संदेश मिलेंगे तथा पूरे परिवार के स्वास्थ्य अभिलेख एक ही स्थान पर सुरक्षित रखे जा सकेंगे। अस्पतालों में ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ तथा ‘स्कैन एंड पे’ जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे पंजीकरण और भुगतान की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक होगी। इसके अतिरिक्त उपयोगकर्ता अपने आसपास उपलब्ध अस्पतालों, चिकित्सकों, एम्बुलेंस सेवाओं, रक्त बैंक और जन औषधि केंद्रों की जानकारी भी तत्काल प्राप्त कर सकेंगे, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में समय की बचत होगी।
आयुष्मान भारत सेवाओं का भी होगा व्यापक विस्तार
इस अवसर पर आयुष्मान भारत डिजिटल मंच का नया संस्करण भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे पात्र नागरिकों को अनेक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इसके माध्यम से लोग अपनी पात्रता की जांच, आयुष्मान कार्ड का उपयोग, उपचार संबंधी अभिलेखों का अवलोकन, सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी तथा शिकायत पंजीकरण जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके साथ ही ‘आयुष्मान सारथी’ नामक व्हाट्सएप आधारित संवाद सेवा भी शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबंधित जानकारी, मार्गदर्शन और आवश्यक सेवाएं सरल भाषा में प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को अधिक सरल और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
डिजिटल स्वास्थ्य नेटवर्क को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि आरोग्य सेतु 2.0 केवल एक मोबाइल अनुप्रयोग नहीं बल्कि भारत की डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एकीकृत डिजिटल मंच के माध्यम से उपचार की गुणवत्ता में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता और चिकित्सा अभिलेखों के सुरक्षित प्रबंधन को नई मजबूती मिलेगी। इससे मरीजों, चिकित्सकों, अस्पतालों और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। आने वाले वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल स्वास्थ्य पहचान और राष्ट्रीय स्वास्थ्य डेटा नेटवर्क के समन्वय से भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुलभ और किफायती बनने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर सकती है।