नई दिल्ली: 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल यानी CAPF की 670 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी है। इसे इस साल की सबसे बड़ी अर्धसैनिक तैनाती माना जा रहा है।
57 दिनों तक चलेगी अमरनाथ यात्रा
अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। यह यात्रा रक्षा बंधन और सावन पूर्णिमा के अवसर पर संपन्न होगी। यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगे। इसी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।
25 जून तक पूरी होगी सुरक्षा बलों की तैनाती
अधिकारियों के मुताबिक अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती जून के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी और 25 जून तक पूरी कर ली जाएगी। सुरक्षा बलों को बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर तैनात किया जाएगा। इसके अलावा जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे, पठानकोट-जम्मू हाईवे, बेस कैंप और अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
रेलवे ट्रैक और हाईवे पर विशेष निगरानी
इस बार यात्रा के दौरान जम्मू-श्रीनगर रेलवे कॉरिडोर और हाईवे पर खास सुरक्षा व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने बताया कि रोड ओपनिंग पार्टी यानी ROP की तैनाती बढ़ाई जाएगी। साथ ही एरिया डोमिनेशन पेट्रोलिंग और नियमित निगरानी भी की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के जरिए यात्रा कर सकते हैं, इसलिए रेलवे ट्रैक और स्टेशनों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस भी संभालेगी मोर्चा
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में भारतीय सेना भी अहम भूमिका निभाएगी। सेना यात्रा मार्गों और पवित्र गुफा मंदिर के आसपास की ऊंची पहाड़ियों पर निगरानी रखेगी। वहीं जम्मू-कश्मीर पुलिस पूरे यात्रा काल में सुरक्षा और समन्वय का जिम्मा संभालेगी।
3.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण
15 अप्रैल से शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया के तहत अब तक 3.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। यात्रा के लिए पंजीकरण जम्मू एंड कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और यस बैंक की निर्धारित शाखाओं के जरिए किया जा रहा है।